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Health Tips : वजन घटाना हो या डायबिटीज कंट्रोल, सर्दियों में इस पहाड़ी दाल का कोई तोड़ नहीं

उत्तराखंड के पहाड़ों में सर्दियों का 'सुपरफूड' मानी जाने वाली गहत (कुलथी) की दाल न सिर्फ शरीर को अंदर से गर्म रखती है, बल्कि यह किडनी स्टोन और डायबिटीज जैसी समस्याओं में भी असरदार है। वैज्ञानिक नाम 'डौली कॉस बाईफ्लोरस' वाली यह दाल आयरन, फाइबर और कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है, जो वजन घटाने और इम्यूनिटी बढ़ाने में सीधी मदद करती है।

Published on: February 5, 2026 7:34 AM
Health Tips
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HIGHLIGHTS

  • पथरी का इलाज: गहत की दाल किडनी में जमा कैल्शियम ऑक्सलेट को घोलकर पथरी को बाहर निकालने में मदद करती है।
  • सर्दियों की संजीवनी: इसकी तासीर गर्म होती है, जो कड़ाके की ठंड में शरीर को खांसी-जुकाम और बुखार से बचाती है।
  • वजन और शुगर कंट्रोल: हाई फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह दाल भूख कंट्रोल करती है और ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखती है।
  • पोषक तत्वों का खजाना: इसमें आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

Health Tips : उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गिरते तापमान के बीच गहत की दाल (कुलथी) का सेवन बढ़ जाता है। स्थानीय लोग सर्दियों में इसे केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए जरूरी मानकर खाते हैं।

गहत की तासीर गर्म होती है, जो कड़ाके की ठंड में शरीर को अंदरूनी गर्मी देती है। विज्ञान की भाषा में इसे ‘डौली कॉस बाईफ्लोरस’ (Dolichos Biflorus) कहा जाता है।

पहाड़ों में लोग इसे दाल के अलावा परांठे और सूप के रूप में भी अपनी डाइट में शामिल करते हैं।

किडनी स्टोन और डायबिटीज में असरदार

गहत की दाल को किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) के लिए प्राकृतिक औषधि माना जाता है। यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर किडनी में जमा एक्स्ट्रा कैल्शियम ऑक्सलेट को घोल देती है, जिससे पथरी पेशाब के जरिए बाहर निकल सकती है।

वहीं, डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह दाल फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और न्यूट्रिएंट्स ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखते हैं, जिससे मधुमेह का जोखिम कम होता है।

वजन घटाने और पाचन में मददगार

अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो गहत का सूप एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें कैलोरी कम और प्रोटीन भरपूर होता है। साथ ही, इसमें मौजूद हाई फाइबर भूख को लंबे समय तक कंट्रोल करता है, जिससे वेट लॉस में मदद मिलती है।

फाइबर की अधिकता के कारण यह पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती है। यह मल को मुलायम बनाकर कब्ज की समस्या से राहत दिलाती है।

मौसमी बीमारियों से बचाव

सर्दियों में अक्सर होने वाली खांसी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याओं में गहत की दाल ढाल का काम करती है।

इसमें मौजूद मिनरल्स, आयरन, कैल्शियम और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व शरीर की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को बूस्ट करते हैं।

यह संक्रमण से लड़ने में शरीर को ताकत देती है, जिससे वायरल बीमारियों का असर कम होता है।

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

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