Health Tips : हम अक्सर सोचते हैं कि हम हेल्दी खाना खा रहे हैं, फिर भी बीमारियां क्यों नहीं छूट रहीं? आयुर्वेद मानता है कि सिर्फ ‘क्या’ खाना है यह जानना काफी नहीं, बल्कि ‘किसके साथ’ खाना है, यह उससे भी ज्यादा अहम है।
अगर खाने का मेल (कॉम्बिनेशन) गलत हो, तो अमृत जैसा भोजन भी शरीर में जहर का काम करने लगता है।
जानिए किचन में होने वाली उन गलतियों के बारे में जो धीरे-धीरे बीमारी की वजह बन रही हैं।
दूध के साथ क्या न खाएं?
अक्सर लोग शेक या स्मूदी के नाम पर दूध के साथ खट्टे फलों का सेवन करते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक दूध के साथ संतरा, नींबू, अनानास या स्ट्रॉबेरी कभी नहीं खाना चाहिए।
दूध की तासीर ठंडी होती है और खट्टे फल गर्म माने जाते हैं। जब ये पेट में मिलते हैं तो इनडाइजेशन, गैस, एसिडिटी और त्वचा संबंधी परेशानियां खड़ी कर देते हैं।
इसके अलावा, दूध और नमक का कॉम्बिनेशन यानी नमकीन चीजों के साथ चाय या दूध लेना भी गलत है। इससे स्किन में खुजली और दाग-धब्बों की शिकायत हो सकती है।
वहीं, मछली या मांस के साथ भी दूध का सेवन वर्जित है। यह खून को गंदा करता है, जिससे गंभीर एलर्जी और स्किन डिजीज का खतरा बढ़ जाता है।
संतरे का जूस या पूरा फल?
नाश्ते में संतरे का जूस पीना एक आम आदत है, लेकिन विशेषज्ञ इसे गलत मानते हैं। संतरे का जूस निकालने पर उसमें शुगर की मात्रा काफी बढ़ जाती है।
यह न सिर्फ डायबिटीज के मरीजों के लिए, बल्कि आम लोगों के लिए भी नुकसानदेह है। बेहतर यही है कि संतरे को पूरा (गोटा) खाया जाए ताकि फाइबर मिले और शुगर स्पाइक न हो।
गर्म चावल और दही का मेल
दही-चावल कई लोगों का पसंदीदा भोजन है, लेकिन यहां तापमान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कभी भी बहुत गर्म चावल में दही मिलाकर नहीं खाना चाहिए।
चावल की गर्मी दही में मौजूद सारे गुड बैक्टीरिया (Good Bacteria) को मार देती है। इसका फायदा तभी मिलता है जब दही को ठंडी चीजों के साथ खाया जाए या चावल के ठंडा होने का इंतजार किया जाए।















