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High BP Causes :गलत तकिया बढ़ा सकता है ब्लड प्रेशर? जानिए चौंकाने वाला कनेक्शन

हाई बीपी के मरीज अक्सर नमक और तनाव को ही बीमारी की वजह मानते हैं, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक आपके तकिये की ऊंचाई भी दिल की सेहत पर सीधा असर डालती है। सिर की गलत पोजीशन ब्लड सर्कुलेशन और सांस लेने के पैटर्न को बिगाड़कर सुबह का ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है।

Published on: January 28, 2026 7:04 AM
High BP Causes
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HIGHLIGHTS

  • दिल पर दबाव: सोते समय सिर को हल्का ऊपर रखने से रक्त वाहिकाओं में प्रवाह सुचारु रहता है और दिल पर लोड कम पड़ता है।
  • गलत ऊंचाई के खतरे: बहुत ऊंचा तकिया सिरदर्द और सुन्नपन का कारण बन सकता है, जबकि बहुत नीचा तकिया चक्कर और रीढ़ की हड्डी में दर्द दे सकता है।
  • एसिड रिफ्लक्स में राहत: 6 से 8 इंच ऊंचा तकिया पेट के एसिड को वापस ऊपर आने से रोकता है, जिससे नींद और बीपी दोनों बेहतर रहते हैं।
  • सिर्फ सहारा, इलाज नहीं: डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि सही तकिया दवाओं का विकल्प नहीं है, बल्कि यह उपचार में मदद करने वाला एक तरीका है।

High BP Causes : अक्सर लोग हाई ब्लड प्रेशर (High BP) बढ़ने पर खाने में नमक कम करते हैं या तनाव कम करने की कोशिश करते हैं।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस तकिये पर सिर रखकर आप रात भर सोते हैं, वो भी आपके बीपी की रीडिंग बढ़ा सकता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बीपी के मरीजों के लिए सुबह का ब्लड प्रेशर उनके दिल की सेहत का सबसे बड़ा संकेत होता है।

डॉक्टरों ने खुलासा किया है कि तकिये की ऊंचाई गुपचुप तरीके से आपके कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम (हृदय प्रणाली) को प्रभावित करती है।

तकिये की ऊंचाई और ब्लड सर्कुलेशन का कनेक्शन

हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि रात में सोते समय आपके सिर और गर्दन की पोजीशन सीधे तौर पर ब्लड सर्कुलेशन, सांस लेने की लय और नींद की क्वालिटी को तय करती है।

सिर को बिस्तर से थोड़ा ऊपर उठाकर सोने से खून प्रमुख नसों में आसानी से बहता है। इस पोजीशन में गुरुत्वाकर्षण की मदद से दिल पर खून को पंप करने का दबाव कम हो जाता है। आसान शब्दों में कहें तो, सही ऊंचाई वाला तकिया आपके दिल को रात भर ‘आराम’ करने में मदद करता है।

बहुत ऊंचा या बहुत नीचा: दोनों हैं खतरनाक

सही बैलेंस बनाना बहुत जरूरी है। अगर तकिया बहुत ऊंचा है, तो गर्दन मुड़ जाती है और दिमाग की तरफ जाने वाला ब्लड फ्लो बाधित होता है। इससे सुबह सिरदर्द या सुन्नपन महसूस हो सकता है।

वहीं, अगर तकिया बहुत पतला है या आप बिना तकिये के सोते हैं, तो रीढ़ की हड्डी का अलाइनमेंट बिगड़ जाता है। इससे मांसपेशियों पर तनाव पड़ता है और ऑक्सीजन का प्रवाह सही से नहीं हो पाता, जिससे चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

खर्राटे और एसिड रिफ्लक्स में मददगार

डॉक्टरों के मुताबिक, हाई बीपी के कई मरीजों को खर्राटे (Sleep Apnea) या एसिड रिफ्लक्स (GERD) की शिकायत भी होती है। ये दोनों समस्याएं बीपी को बढ़ाती हैं।

सांस लेने में आसानी: सिर और गर्दन को थोड़ा ऊपर रखने से वायुमार्ग (Airway) खुला रहता है। इससे खर्राटे कम आते हैं, शरीर में ऑक्सीजन का लेवल सही रहता है और तनाव कम होता है।

एसिड रिफ्लक्स: अगर आपको पेट में जलन रहती है, तो 6 से 8 इंच ऊंचा तकिया इस्तेमाल करना फायदेमंद है। यह गुरुत्वाकर्षण के जरिए पेट के एसिड को खाने की नली में वापस आने से रोकता है, जिससे नींद नहीं टूटती और बीपी स्थिर रहता है।

दवा का विकल्प नहीं, बल्कि एक सपोर्ट सिस्टम

विशेषज्ञ यह साफ करते हैं कि केवल तकिया बदलने से हाई बीपी का इलाज नहीं हो सकता। यह कोई जादुई उपाय नहीं है, बल्कि एक लाइफस्टाइल बदलाव है जो दवाओं, एक्सरसाइज और डाइट के साथ मिलकर काम करता है।

हाई बीपी के मरीजों के लिए अपनी नींद के तरीके में यह छोटा सा बदलाव एक सस्ता और असरदार उपाय है। सही तकिया गर्दन और रीढ़ को सही शेप में रखता है, जिससे आप सुबह तरोताजा और स्थिर बीपी रीडिंग के साथ जागते हैं।

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

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