Laundry Health Risks : कपड़े धोना घर का सबसे जरूरी काम है, क्योंकि इसका सीधा कनेक्शन हमारी पर्सनल हाइजीन और सेहत से है।
गंदे और धूल-मिट्टी वाले कपड़े पहनना किसी को पसंद नहीं होता, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कपड़े धोते वक्त की गई छोटी-छोटी गलतियां आपको बीमार कर सकती हैं?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कपड़े धोने और सुखाने का गलत तरीका शरीर पर नेगेटिव असर डालता है। यहां हम उन आदतों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें समय रहते सुधारना जरूरी है।
ज्यादा डिटर्जेंट मतलब त्वचा को नुकसान
अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा डिटर्जेंट डालने से कपड़े ज्यादा साफ होंगे, लेकिन हर चीज की अति बुरी होती है। अगर आप जरूरत से ज्यादा वाशिंग पाउडर या लिक्विड का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह कपड़ों के रेशों में फंसा रह जाता है।
इससे न सिर्फ आपकी वाशिंग मशीन खराब होने का खतरा बढ़ता है, बल्कि यह आपकी स्किन के लिए भी काफी डैमेजिंग है।
डिटर्जेंट के रसायनों से त्वचा पर इन्फेक्शन, तेज खुजली, रैशेज या छोटे-छोटे दाने निकलने की समस्या हो सकती है।
गंदे कपड़ों का ढेर और बैक्टीरिया
आजकल बिजी शेड्यूल के चलते ज्यादातर लोग हफ्ते में एक ही दिन कपड़े धोते हैं। ऐसे में हफ्ते भर के गंदे कपड़ों का ढेर घर के किसी कोने में पड़ा रहता है।
ज्यादा दिनों तक बिना धुले कपड़ों में कई तरह के गंदे बैक्टीरिया और वायरस पनपने लगते हैं।
यह आदत घर में इन्फेक्शन फैलने का कारण बन सकती है। सही तरीका यही है कि कपड़ों को जितना जल्दी हो सके वॉश कर लें।
जब तक कपड़े धुल न जाएं, उन्हें किसी साफ और सूखी जगह पर रखें। गंदे कपड़े छूने के तुरंत बाद अपने हाथों को अच्छी तरह धोना न भूलें।
अधसूखे कपड़े बन सकते हैं बीमारी की वजह
कई बार जल्दबाजी में या धूप न निकलने पर हम हल्के गीले कपड़े ही अलमारी में रख देते हैं। यह गलती सेहत पर भारी पड़ सकती है। अच्छी तरह न सूखे कपड़ों में नमी के कारण फंगल ग्रोथ और यीस्ट इन्फेक्शन का खतरा रहता है।
इससे कपड़ों में बदबू आने लगती है और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। बेहतर यही है कि कपड़ों को पूरी तरह सुखाकर ही पहनें या स्टोर करें। कपड़ों को कीटाणुमुक्त करने के लिए उन्हें धूप में सुखाना सबसे बेस्ट रहता है।
मरीज के कपड़ों पर दें खास ध्यान
कपड़े धोते समय घर के सदस्यों की सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर घर में किसी को कोई इन्फेक्शन या बीमारी है, तो उसके कपड़े बाकी कपड़ों के साथ न धोएं।
ऐसे कपड़ों को अलग से धोना चाहिए और इसके लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करना बेहतर होता है, ताकि इन्फेक्शन फैलने का खतरा कम हो सके।
नॉर्मल कपड़ों की धुलाई में भी डिटर्जेंट के साथ फैब्रिक डिसइंफेक्टेंट का इस्तेमाल करना चाहिए।
डिटर्जेंट सिर्फ दाग-धब्बे हटाता है, जबकि डिसइंफेक्टेंट कपड़ों में छिपे बैक्टीरिया और जर्म्स को खत्म करता है।















