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Marigold Tea Health Benefits : मानसिक तनाव हो या पीरियड क्रैम्प्स, गेंदे की चाय है नेचुरल रामबाण उपाय

Marigold Tea Health Benefits : अक्सर पूजा और सजावट में इस्तेमाल होने वाला गेंदे का फूल सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। इसकी चाय में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पीरियड्स के दर्द, पाचन की दिक्कतों और जोड़ों के दर्द में राहत पहुंचाते हैं। इसे बनाने का तरीका बेहद आसान है और यह मानसिक तनाव कम करने में भी कारगर है।

Published on: January 24, 2026 6:04 PM
Marigold Tea Health Benefits
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HIGHLIGHTS

  • पोषक तत्व: गेंदे में ल्यूटीन, जीएक्सैंथिन और फ्लेवोनॉइड्स जैसे तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं।
  • दर्द निवारक: पीरियड्स की ऐंठन और जोड़ों के दर्द (गठिया) में यह चाय सुकून देती है।
  • पेट की सेहत: गैस, एसिडिटी, कब्ज और IBS जैसी समस्याओं में यह काफी असरदार है।
  • मानसिक शांति: इसके सेवन से तनाव कम होता है और अच्छी नींद आती है।

Marigold Tea Health Benefits : अगर आप अब तक गेंदे के फूल (Marigold) को सिर्फ पूजा की थाली या बालकनी की शोभा बढ़ाने वाला पौधा मानते आए हैं, तो यह खबर आपकी सोच बदल देगी।

तुलसी, पुदीना और अपराजिता की तरह ही गेंदे के फूल से बनी चाय सदियों से आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा का हिस्सा रही है। इस फूल में ल्यूटीन, जीएक्सैंथिन, फ्लेवोनॉइड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स का भंडार होता है।

ये तत्व शरीर को कई तरह की बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं। जानिए यह साधारण सा फूल आपकी सेहत के लिए कितना खास हो सकता है।

पीरियड्स के दर्द में राहत

महिलाओं के लिए यह चाय बेहद फायदेमंद मानी जाती है। पीरियड्स के दौरान होने वाले तेज दर्द और ऐंठन (Cramps) से यह प्राकृतिक राहत दिला सकती है।

गेंदे की चाय में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण उन दिनों में होने वाली शारीरिक बेचैनी को काफी हद तक कम कर देते हैं।

पेट और पाचन के लिए रामबाण

अगर आप अक्सर पेट की जलन, गैस या अपच से परेशान रहते हैं, तो गेंदे की चाय आपके काम आ सकती है। इसमें पाचन तंत्र को सुधारने और आंतरिक सूजन को कम करने की क्षमता होती है।

यह अल्सर, IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम), कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं में भी राहत पहुंचाती है।

जोड़ों का दर्द और गठिया

गेंदे की चाय को इसके शक्तिशाली सूजन-रोधी (Anti-inflammatory) गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें ‘कैलेंडिक एसिड’ जैसे यौगिक पाए जाते हैं।

ये तत्व शरीर के ऊतकों (Tissues) की मरम्मत करते हैं और सूजन घटाते हैं, जिससे जोड़ों के दर्द और गठिया के मरीजों को काफी आराम मिलता है।

तनाव और नींद की समस्या

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव आम बात है। गेंदे के फूल की चाय की प्रकृति हल्की शामक (Sedative) होती है।

इसका मतलब है कि यह दिमाग को शांत करती है। इसके नियमित सेवन से तनाव कम होता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है।

मुंह के छाले और गले की खराश

सिर्फ पीने के लिए ही नहीं, गेंदे की चाय का इस्तेमाल गरारे (Gargle) करने के लिए भी किया जा सकता है।

इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और हीलिंग गुण मुंह के छालों, मसूड़ों की सूजन और गले की खराश को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं। यह घावों को भरने में भी सहायक है।

कैसे बनाएं गेंदे की चाय?

इसे घर पर बनाना बहुत आसान है। सबसे पहले गेंदे के फूलों को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें।

एक पैन में पानी गर्म करें और उसमें फूलों की पत्तियों को डालकर उबालें। जब पानी उबलकर थोड़ा कम हो जाए और रंग बदल ले, तो गैस बंद कर दें। अब इसे छान लें। स्वाद के लिए आप इसमें एक चम्मच शहद मिला सकते हैं।

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

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