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Pawanmuktasana Health Benefits : पेट की गैस से लेकर तोंद तक, हर समस्या का योग समाधान है पवनमुक्तासन

खराब खानपान और तनाव के कारण होने वाली गैस, एसिडिटी और कब्ज की समस्या से पवनमुक्तासन राहत दिला सकता है। इसे 'विंड रीलिविंग पोज' भी कहा जाता है, जो न केवल पाचन तंत्र को सुधारता है, बल्कि पेट की चर्बी घटाने और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में भी सहायक है।

Published on: January 27, 2026 7:25 AM
Pawanmuktasana Health Benefits
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HIGHLIGHTS

  • पेट की समस्याएं: गैस, ब्लोटिंग और कब्ज जैसी शिकायतों को दूर करने में यह आसन कारगर है।
  • बेली फैट: योग विशेषज्ञों के अनुसार, मुद्रा में 1 मिनट तक रहने से पेट की चर्बी कम होती है।
  • लचीलापन: नियमित अभ्यास से गर्दन और रीढ़ की हड्डी की अकड़न दूर होती है।
  • सरल प्रक्रिया: पीठ के बल लेटकर घुटनों को छाती से लगाने वाला यह आसन बेहद आसान है।

Pawanmuktasana Health Benefits : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, खाने-पीने की गलत आदतों और अत्यधिक तनाव का सीधा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है।

नतीजा यह होता है कि लोग मोटापा, पेट में गैस, एसिडिटी और पुरानी कब्ज जैसी समस्याओं से जूझने लगते हैं। अगर आप भी इन शारीरिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो अपनी दिनचर्या में ‘पवनमुक्तासन’ को जगह दें।

अंग्रेजी में इसे ‘विंड रीलिविंग पोज’ कहा जाता है। यह आसन पेट में फंसी दूषित वायु को बाहर निकालकर शरीर को हल्का और लचीला बनाता है।

पवनमुक्तासन करने का सही तरीका

इस आसन को करना बेहद सरल है। सबसे पहले समतल जगह पर पीठ के बल लेट जाएं और पैरों को सीधा रखें। अब अपने दाएं (Right) घुटने को मोड़कर छाती के करीब लाएं।

जांघ को पेट पर सटाते हुए अच्छी तरह दबाएं। इसके बाद सिर को ऊपर उठाएं और अपनी ठोड़ी (Chin) को घुटने से स्पर्श कराने की कोशिश करें। इस दौरान गहरी सांस लेते रहें और हाथों से घुटने को मजबूती से पकड़ लें।

इस मुद्रा में आपको छाती और पेट पर हल्का दबाव महसूस होगा, जो कि प्रक्रिया का हिस्सा है। सामान्य रूप से सांस लेते हुए कुछ देर इसी स्थिति में रुकें।

इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे घुटने को ढीला छोड़ दें और पैर सीधा कर लें। यही प्रक्रिया बाएं (Left) पैर के साथ दोहराएं। अंत में दोनों पैरों को एक साथ मोड़कर यह अभ्यास करें।

पाचन सुधरेगा और गैस होगी दूर

पवनमुक्तासन मुख्य रूप से पेट की गैस और पाचन संबंधी विकारों के लिए एक प्रभावी उपाय माना जाता है। जिन लोगों को अक्सर पेट फूलने (Bloating), गैस पास होने में दिक्कत या पेट दर्द की शिकायत रहती है, उन्हें इससे काफी आराम मिलता है।

यह आसन आंतों की कार्यक्षमता को बढ़ाता है, जिससे कब्ज की समस्या धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।

बेली फैट और रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद

बढ़ता वजन और पेट की चर्बी आज एक आम समस्या है। योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप पवनमुक्तासन की मुद्रा में लगभग 1 मिनट तक रुकते हैं, तो यह बेली फैट बर्न करने में मदद करता है।

इसके अलावा, इसका नियमित अभ्यास रीढ़ की हड्डी और गर्दन के लिए भी गुणकारी है। यह इन अंगों की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है, जिससे अकड़न दूर होती है और शरीर में लचीलापन बढ़ता है।

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

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