Saunf Milk Health Benefits : भारतीय घरों में दूध के साथ सौंफ का इस्तेमाल सदियों से एक कारगर घरेलू उपाय के तौर पर होता आ रहा है।
आयुर्वेद मानता है कि सौंफ की तासीर शरीर को ठंडक देती है और पाचन क्रिया को सुधारती है, वहीं दूध पोषण और ताकत का स्रोत है। जब ये दोनों मिल जाते हैं, तो यह एक कंप्लीट हेल्थ ड्रिंक बन जाता है, जो भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत को पटरी पर लाने का काम करता है।
पाचन तंत्र के लिए संजीवनी
अक्सर रात के खाने के बाद लोगों को भारीपन या गैस की शिकायत होती है। सौंफ में प्राकृतिक रूप से एंटी-स्पास्मोडिक गुण पाए जाते हैं। यह पेट की सूजन को कम करता है और आंतों को रिलैक्स करता है।
जब आप इसे दूध के साथ लेते हैं, तो यह भोजन को पचाने में मदद करता है और कब्ज या अपच जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म करने का काम करता है।
नींद और तनाव पर सीधा असर
दिनभर की थकान के बाद अगर नींद नहीं आ रही है, तो यह ड्रिंक बेहद फायदेमंद है। दूध में ट्रिप्टोफैन नाम का तत्व होता है और सौंफ में रिलैक्सिंग प्रॉपर्टीज होती हैं।
ये दोनों मिलकर दिमाग की नसों को शांत करते हैं। इसे पीने से तनाव का स्तर नीचे आता है, नींद जल्दी आती है और आप सुबह तरोताजा महसूस करते हैं।
महिलाओं की सेहत और इम्यूनिटी
महिलाओं के लिए यह पेय विशेष रूप से लाभकारी माना गया है। सौंफ हार्मोन को संतुलित करने में मदद करती है, जिससे पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द, ब्लोटिंग और मूड स्विंग्स में राहत मिलती है।
इसके अलावा, सर्दियों में या बदलते मौसम में गर्म सौंफ वाला दूध पीने से गले को आराम मिलता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और सर्दी-खांसी के लक्षणों को कम करते हैं।
वजन कंट्रोल और बनाने का सही तरीका
अगर आप वजन बढ़ने से परेशान हैं, तो यह ड्रिंक मददगार हो सकती है। सौंफ मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है और दूध पीने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं।
इसे बनाने के लिए एक कप गर्म दूध में आधा चम्मच सौंफ डालकर उबालें और छान लें। इसे गुनगुना ही सोने से पहले पिएं। डायबिटीज के मरीज इसमें चीनी या मीठा मिलाने से बचें।















