Thyroid Diet : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गड़बड़ खान-पान के चलते थायराइड एक आम समस्या बन गई है। यह बीमारी तब होती है जब शरीर में कुछ विशेष हार्मोन जरूरत से ज्यादा या बहुत कम बनने लगते हैं।
चाहे हाइपरथायरायडिज्म हो या हाइपोथायरायडिज्म, इस बीमारी को कंट्रोल करने में दवा के साथ-साथ सही डाइट का रोल सबसे अहम है।
कई बार लोग अनजाने में ऐसी चीजें खाते रहते हैं जो सामान्य तौर पर तो हेल्दी हैं, लेकिन थायराइड के मरीज के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।
हरी सब्जियां जो बढ़ा सकती हैं मुश्किल
अक्सर हरी सब्जियों को सेहत का खजाना माना जाता है, लेकिन थायराइड मरीजों को क्रूसिफेरस (Cruciferous) सब्जियों से सावधान रहना चाहिए।
पत्तागोभी, फूलगोभी, ब्रोकली और पालक जैसी सब्जियों में ‘गोइट्रोजन’ (Goitrogen) की मात्रा काफी ज्यादा होती है। यह तत्व थायराइड ग्रंथि के काम में बाधा डाल सकता है, इसलिए इनका सेवन करने से बचना चाहिए।
फाइबर और दवा का कनेक्शन
सेम, फलियां और साबुत अनाज फाइबर से भरपूर होते हैं, जो पाचन के लिए अच्छे हैं। लेकिन अगर आप हाइपोथायरायडिज्म के मरीज हैं, तो बहुत ज्यादा फाइबर आपकी मुसीबत बढ़ा सकता है।
हाई फाइबर डाइट, खासकर हरी फलियां, थायराइड की दवा को शरीर में ठीक से अवशोषित (Absorb) नहीं होने देतीं। इससे दवा का पूरा असर शरीर पर नहीं हो पाता। ऐसे में साबुत हरी फलियों का सेवन कम कर देना चाहिए।
फल और स्टार्च से सावधानी
हाइपरथायरायडिज्म की स्थिति में शरीर के अंदर सूजन (Inflammation) का खतरा रहता है। कुछ फल और स्टार्च वाली चीजें इस सूजन को और बढ़ा सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्ट्रॉबेरी, आड़ू, शकरकंद और कसावा जैसी चीजों से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा, ज्यादा चीनी वाली चीजें भी शुगर लेवल और सूजन को ट्रिगर करती हैं, जिससे थायराइड ग्रंथि की स्थिति बिगड़ सकती है।
नट्स और अनाज पर भी दें ध्यान
ड्राई फ्रूट्स और अनाज हमेशा फायदेमंद नहीं होते। जिन लोगों को हाइपोथायरायडिज्म की शिकायत है, उन्हें बाजरा, मूंगफली और पाइन नट्स (चिलगोजा) का सेवन करने से बचना चाहिए। ये चीजें हार्मोनल बैलेंस को प्रभावित कर सकती हैं।















