वेनेजुएला में अमेरिकी हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कूटनीतिक और सैन्य ऐलान किया है. भारतीय समयानुसार शनिवार देर रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने साफ कर दिया कि फिलहाल वेनेजुएला की कमान अमेरिका के हाथ में रहेगी.
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वाशिंगटन तब तक देश की व्यवस्था संभालेगा, जब तक वहां सुरक्षित तरीके से सत्ता का हस्तांतरण नहीं हो जाता और शांति स्थापित नहीं हो जाती.
‘कुछ ही घंटों में मिलिट्री को पंगु बना दिया’
ट्रंप ने काराकास के हेविली फोर्टिफाइड मिलिट्री किले में निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए चलाए गए ऑपरेशन को ऐतिहासिक बताया है. उन्होंने इसे ‘द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे शानदार हमला’ करार दिया. ट्रंप के मुताबिक, दुनिया का कोई और देश ऐसा नहीं कर सकता था. अमेरिकी सेना ने कुछ ही घंटों में वेनेजुएला की पूरी मिलिट्री को पंगु बना दिया.
खास बात यह रही कि इस मिशन में हजारों जवान, दर्जनों हेलीकॉप्टर और प्लेन शामिल थे, फिर भी न तो एक अमेरिकी सैनिक की जान गई और न ही किसी उपकरण को नुकसान पहुंचा.
तेल कारोबार पर अमेरिका का सीधा नियंत्रण
ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल व्यवसाय को पूरी तरह बर्बाद हो चुका बताया है. अब नई अमेरिकी योजना के तहत बड़ी ऑयल कंपनियां वहां अरबों डॉलर लगाकर इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक करेंगी. ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका ही अब वेनेजुएला का तेल दुनिया को बेचेगा और देश को कमाई देगा.
वहीं, डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि 2026 में अमेरिका अपनी पुरानी ताकत (‘स्टेल्थ और लेथलिटी’) और न्याय के साथ वापस लौट आया है.
सैन्य नेताओं को ट्रंप की चेतावनी
मादुरो को समाज और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताते हुए ट्रंप ने अन्य नेताओं को भी कड़ा संदेश दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि मादुरो ने विदेशी दुश्मनों को पनाह दी और अमेरिकी फोर्सेस के खिलाफ हथियार इस्तेमाल किए.
ट्रंप ने वेनेजुएला के बाकी राजनीतिक और फौजी नेताओं को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने अपनी जनता के साथ न्याय नहीं किया, तो उनका हश्र भी मादुरो जैसा होगा. उन्होंने साफ कहा कि अमेरिकी आर्माडा तैयार है और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, सभी सैन्य विकल्प खुले रहेंगे.



















