जम्मू : जम्मू में इंटरनेशनल बॉर्डर के बेहद करीब कनाचक इलाके में रविवार को संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों ने इस संवेदनशील इलाके में एक सैटेलाइट फोन से हुए कम्युनिकेशन को इंटरसेप्ट किया, जिसके तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया।
थुराया डिवाइस से ट्रेस हुई लोकेशन
अधिकारियों के मुताबिक, जिस कम्युनिकेशन को पकड़ा गया है, वह थुराया (Thuraya) सैटेलाइट डिवाइस से किया गया था। इस इनपुट की पुष्टि होते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF), सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और भारतीय सेना ने मिलकर एक बड़ा संयुक्त सर्च ऑपरेशन लॉन्च कर दिया है। पूरे इलाके को चारों तरफ से घेरकर सघन तलाशी ली जा रही है।
घुसपैठ का पुराना रूट है कनाचक
जिस जगह यह सिग्नल मिला है, वह कनाचक इंटरनेशनल बॉर्डर से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सुरक्षा की दृष्टि से यह इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है क्योंकि अतीत में आतंकवादी इस रास्ते का इस्तेमाल भारतीय सीमा में घुसपैठ के लिए करते रहे हैं। सुरक्षा बल इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि कहीं इस सिग्नल का संबंध किसी नई घुसपैठ से तो नहीं है।
गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा सख्त
आगामी गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि जम्मू के मैदानी और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भी घेराबंदी और तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि इस समय क्षेत्र में करीब तीन दर्जन आतंकवादी सक्रिय हो सकते हैं, जिनकी तलाश में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।



















