देहरादून : दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 14 दिसंबर को कांग्रेस पार्टी एक बड़ी रैली आयोजित कर रही है। इस महारैली का नाम ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रखा गया है, जो लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की रक्षा के लिए एक मजबूत संदेश देने वाली है।
रैली का उद्देश्य क्या है?
कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि कुछ राज्यों में मतदाता सूची के विशेष संशोधन के जरिए विपक्षी समर्थकों के वोट काटे जा रहे हैं। यह रैली चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए है, ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके। पार्टी ने देशभर में इस मुद्दे पर करोड़ों हस्ताक्षर भी इकट्ठे किए हैं, जो रैली में प्रदर्शित किए जाएंगे। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे बड़े नेता इसमें संबोधित करेंगे।
उत्तराखंड कांग्रेस की जोरदार तैयारी
उत्तराखंड में पार्टी ने इस रैली को सफल बनाने के लिए महीनों पहले से योजना बनानी शुरू कर दी थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ संगठन महामंत्री राजेंद्र भंडारी ने भी पूरा मोर्चा संभाला हुआ है।
विभिन्न जिलों से कार्यकर्ताओं के दल दिल्ली के लिए निकल चुके हैं। कुछ लोग पहले ही पहुंच गए हैं, तो कुछ आज रात या कल सुबह तक रवाना होंगे। खासकर हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे दिल्ली से करीबी जिलों से कार्यकर्ता रविवार तड़के निकलेंगे।
गोदियाल के मुताबिक, उत्तराखंड से करीब 15 से 16 हजार नेता और कार्यकर्ता इस रैली में शामिल होंगे। यह संख्या पार्टी की एकजुटता और उत्साह को दिखाती है। विधानसभा स्तर पर जिम्मेदारियां बांटी गई हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से दिल्ली पहुंच सकें।
देशभर से भारी भीड़ की उम्मीद
रैली में सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली से लाखों लोग जुटेंगे। दूर के राज्यों जैसे बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से भी बड़े जत्थे पहुंच रहे हैं। कुल मिलाकर, यह रैली संख्या और जोश के लिहाज से यादगार बनने वाली है।
यह आयोजन कांग्रेस के लिए लोकतंत्र बचाने की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण कदम है। उत्तराखंड के कार्यकर्ताओं का उत्साह बताता है कि पार्टी मैदान में पूरी ताकत से उतर रही है।













