Uttarakhand : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी समस्या बनती जा रही हैं। हाल के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में राज्य में कुल 1,747 सड़क हादसे दर्ज हुए, जिनमें से करीब 983 मौतें तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग की वजह से हुईं। ये आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में हादसों में 4.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
खासकर उधम सिंह नगर जैसे इलाकों में, जहां जनवरी 2024 से अप्रैल 2025 तक 16 महीनों में 78 गंभीर हादसे हुए और 54 लोगों की जान गई, ज्यादातर ओवरलोडेड वाहनों की वजह से। ऐसे में, एक ताजा घटना ने फिर से सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किच्छा कोतवाली क्षेत्र के लालपुर गांव में रहने वाली सावित्री देवी अपने घर के बाहर आराम से बैठी हुई थीं। ये 13 दिसंबर की सुबह करीब 11 बजे की बात है, जब एक तेज रफ्तार कार अचानक उनकी ओर आई और जोरदार धक्का मार दिया। कार की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि सावित्री देवी के पैरों और शरीर पर गहरी चोटें आईं।
आसपास के लोग शोर सुनकर दौड़े और घायल महिला को तुरंत एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
इस हादसे की पूरी तस्वीर पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कार कैसे अनियंत्रित होकर महिला पर चढ़ गई, और फिर लोग मदद के लिए भागते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने कार चालक को मौके पर ही पकड़ लिया।
आरोपी युवक उसी मोहल्ले में किराए के घर में रहता है, और उसकी कार का नंबर UK 06 Q 1666 है। सावित्री देवी के बेटे अजय गंगवार, जो मन्नत गार्डन कॉलोनी में रहते हैं, ने बताया कि ये घटना उनकी मां के लिए कितनी दर्दनाक साबित हुई।
परिवार ने कोतवाली पुलिस को शिकायत सौंपी है, और पुलिस ने वायरल हो रहे वीडियो को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। किच्छा के कोतवाल प्रकाश दानू ने कहा कि मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये घटना हमें याद दिलाती है कि सड़क पर लापरवाही कितनी जानलेवा हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सड़कें संकरी होने से हादसे ज्यादा होते हैं, इसलिए ड्राइवरों को स्पीड कंट्रोल और नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। अगर ऐसी घटनाओं पर समय रहते काबू न पाया गया, तो ये समस्या और गंभीर हो सकती है।















