Ajay Bhatt Viral Speech : दिल्ली में इन दिनों संसद का शीतकालीन सत्र जोर-शोर से चल रहा है। यह सत्र हर साल दिसंबर में होता है, जब सरकार महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करती है और उन्हें पारित कराने की कोशिश करती है। इस बार केंद्र सरकार ने कई अहम बिलों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को मजबूत बनाने वाले प्रावधान शामिल हैं। ऐसे विधेयक देश की अर्थव्यवस्था को गति देने और गांवों में विकास को बढ़ावा देने के लिए जरूरी माने जाते हैं।
नया बिल और उसकी अहमियत
हाल ही में लोकसभा में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025 पेश किया गया। यह बिल ग्रामीण भारत में रोजगार के अवसर बढ़ाने और लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर जोर देता है। इसे सफलतापूर्वक पारित कर लिया गया है, जो सरकार की ग्रामीण विकास की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
इस तरह के मिशन पहले से चल रही योजनाओं जैसे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से जुड़े हुए हैं, जो सालाना करोड़ों लोगों को 100 दिनों का गारंटीड रोजगार प्रदान करता है। आंकड़ों के मुताबिक, मनरेगा ने 2023-24 में करीब 5.5 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाया, जिससे ग्रामीण गरीबी में कमी आई है। नया बिल इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए अधिक कुशल और लक्षित मदद देने का वादा करता है।
चर्चा के दौरान हुआ हंगामा
इस विधेयक पर संसद में गर्मागर्म बहस हुई। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि यह बिल मनरेगा जैसी मौजूदा योजनाओं को कमजोर कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि इससे ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर असर पड़ेगा। बहस इतनी तीखी हो गई कि कुछ विपक्षी सांसदों ने बिल की प्रतियां तक फाड़ दीं। यह घटना संसद की कार्यवाही में अक्सर देखी जाती है, जब मुद्दों पर गहरे मतभेद उभरते हैं।
दूसरी तरफ, सत्ताधारी भाजपा के सांसदों ने बिल का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है और यह विधेयक गांवों में स्थायी विकास लाएगा। शिवराज सिंह चौहान जैसे वरिष्ठ नेता भी इस बहस में शामिल हुए और बिल के फायदों पर जोर दिया।
अजय भट्ट का वायरल बयान
इसी बहस के बीच उत्तराखंड के नैनीताल से लोकसभा सांसद अजय भट्ट का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में बिल की उपयोगिता बताते हुए कहा कि अगर जीवन में कोई समस्या हो, जैसे परिवार में कलह, नौकरी की तलाश या रोजमर्रा की मुश्किलें, तो राम नाम का जाप सब ठीक कर सकता है।
उनका यह उदाहरण भरा भाषण लोगों को हंसाने के साथ-साथ विचार करने पर मजबूर कर रहा है। अजय भट्ट ने जोर देकर कहा कि सरकार का इरादा बिल्कुल सही है और यह ग्रामीण भारत को मजबूत बनाएगा। उनका यह वीडियो अब लाखों लोगों तक पहुंच चुका है, जो संसद की गंभीर चर्चाओं में हास्य का तड़का जोड़ रहा है।
अजय भट्ट का राजनीतिक सफर
अजय भट्ट उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत इलाके से ताल्लुक रखते हैं, जहां की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर उन्हें गहराई से प्रभावित करती है। उन्होंने अल्मोड़ा कॉलेज से बीए और एलएलबी की डिग्री हासिल की, जिसने उन्हें कानूनी समझ दी।
राजनीति में कदम रखते हुए 1985 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की युवा शाखा में शामिल होकर युवाओं के मुद्दों पर काम शुरू किया। धीरे-धीरे वे पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई में कार्यसमिति सदस्य बने और अल्मोड़ा जिले के संगठन मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
उनकी मेहनत रंग लाई और 1996 में वे विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने। 2012 में दोबारा चुनाव जीतने के बाद, जब कांग्रेस की सरकार बनी, तो उन्हें विपक्ष के नेता की भूमिका मिली। बाद में वे उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में नैनीताल-उधम सिंह नगर सीट से जीत हासिल कर उन्होंने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री का पद संभाला, जहां उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर योगदान दिया।
2024 के चुनाव में फिर से नैनीताल सीट से विजयी होकर वे संसद पहुंचे। उनका करियर ग्रामीण विकास और युवा सशक्तिकरण पर केंद्रित रहा है, जो उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य की चुनौतियों को समझने में मदद करता है।



















