देहरादून : उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अब शांति की अपील की है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता खजान दास ने स्पष्ट किया कि जब पीड़ित परिवार की मंशानुरूप सीबीआई जांच की घोषणा हो चुकी है, तो अब सड़कों पर अनावश्यक विवाद और राजनीतिक रस्साकसी बंद होनी चाहिए। उन्होंने काशीपुर में किसान की आत्महत्या के मामले में भी सरकार का रुख साफ करते हुए दोषियों को न बख्शने की बात कही है।
परिवार की राय पर हुआ निर्णय
खजान दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि न्यायालय ने इस मामले में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद, हाल ही में वायरल हुए कुछ ऑडियो और वीडियो के कारण समाज में भ्रम और आशंका का माहौल बन गया था।
इसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीधे पीड़ित परिवार से बात की। सरकार ने परिवार की भावनाओं और प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग का सम्मान करते हुए ही नए सिरे से सीबीआई जांच का फैसला लिया है।
भाजपा प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि अब जब मांग मान ली गई है, तो ‘उत्तराखंड बंद’ जैसे आह्वानों और सोशल मीडिया पर नकारात्मक गतिविधियों पर विराम लगना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से आग्रह किया कि वे पीड़ित परिवार की भावनाओं का सम्मान करें और जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखें। अब तक जो हुआ उसे पीछे छोड़कर राज्य को आगे बढ़ने की जरूरत है।
काशीपुर में कार्रवाई की गारंटी
काशीपुर में किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना को भाजपा नेता ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनशील बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध और भ्रष्टाचार पर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू है। जांच में जिसकी भी गलती सामने आएगी, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने पीड़ित परिवार को हर संभव चिकित्सीय और अन्य मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए खजान दास ने कहा कि ऐसे गंभीर और दुखद मुद्दों पर राजनीति करने से सभी को बचना चाहिए।



















