डोईवाला, उत्तराखंड : देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र में थानो वन रेंज के अंतर्गत गडुल ग्राम पंचायत के केमट गांव में एक महिला पर दो भालुओं ने हमला कर दिया। यह घटना हाल ही में हुई, जिसमें 45 वर्षीय सुशीला देवी पत्नी रघुवीर सिंह भंडारी गंभीर रूप से घायल हो गईं। वह जंगल में पशुओं के लिए घास काटने गई थीं।
हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने ग्राम प्रधान की सहायता से घायल महिला को तुरंत हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट पहुंचाया। वहां उनका इलाज चल रहा है।
वन बीट अधिकारी विकास घिल्डियाल ने बताया कि महिला अचानक भालुओं के सामने पड़ गईं, जिससे हमला हुआ। वन रेंज अधिकारी नत्थी लाल डोभाल ने कहा कि विभाग जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जंगल में अकेले जाने से बचें।
स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर जोशी ने बताया कि पहले क्षेत्र में हाथी और तेंदुए के हमले आम थे, लेकिन अब भालुओं की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। यह मैदानी इलाके में भालू हमले का पहला मामला है।
हमलों में वृद्धि के संभावित कारण
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जंगली जानवरों का गांवों की ओर आने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। इनमें जंगलों में भोजन की कमी या बदलाव प्रमुख है।
मानव गतिविधियों के बढ़ने से जानवरों के प्राकृतिक निवास स्थान सिकुड़ रहे हैं। कचरे और पशुधन की उपलब्धता भी उन्हें आकर्षित करती है। प्रजनन काल में भालू और तेंदुआ अधिक आक्रामक हो जाते हैं। मौसम के पैटर्न में बदलाव से उनके व्यवहार पर असर पड़ता है
इसके अलावा, सड़कों का विस्तार और हेलीकॉप्टरों की आवाजाही से वन्यजीव विचलित हो रहे हैं।



















