देहरादून : भाजपा संगठन की साल 2025 की अंतिम बैठक महज रस्म अदायगी नहीं रही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मंच से सीधे तौर पर अगले विधानसभा चुनाव का बिगुल फूँक दिया है।
सीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार ‘विकल्परहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रही है, लेकिन विपक्ष नकारात्मकता फैलाकर राज्य की छवि खराब करना चाहता है। बैठक में उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों और विपक्ष के ‘प्रोपगेंडा’ से निपटने की रणनीति भी तय की गई।
2025 का रिपोर्ट कार्ड: अतिक्रमण मुक्त जमीन और यूसीसी
मुख्यमंत्री ने साल 2025 को उपलब्धियों से भरा बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की। इसके अलावा, सरकार ने सख्त अभियान चलाकर 10 हजार एकड़ सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया।
देहरादून में जिम जाने वाली लड़कियां रहें सावधान! ट्रेनर की करतूत ने उड़ाए होश
युवाओं के लिए 27 हजार सरकारी नौकरियां, राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति सरकार की बड़ी सफलताएं रहीं। सीएम ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में राज्य की ब्रांडिंग अब वैश्विक स्तर पर हो रही है।
एंजेल चकमा केस: ‘नस्लीय भेदभाव’ के आरोपों पर पलटवार
बैठक के दौरान सीएम धामी ने राजधानी में त्रिपुरा निवासी छात्र एंजेल चकमा की मौत के मामले पर भी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और पुलिस ने इसमें कठोर कार्रवाई की है।
सीएम ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे वामपंथी संगठन और विपक्ष इस मुद्दे पर झूठ फैला रहे हैं। इसे ‘नस्लीय भेदभाव’ का रंग देकर समाज में जहर घोला जा रहा है। सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सच्चाई जनता के सामने लाएं और इस नरेटिव का करारा जवाब दें।
‘विपक्ष दिन में हंगामा करता है, रात को सोता है’
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विपक्ष की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल सिर्फ भ्रम की राजनीति कर रहे हैं। वे कभी एसआई भर्ती का विरोध करते हैं, तो कभी अवैध मजारों और अतिक्रमण पर कार्रवाई का।
देहरादून में न्यू ईयर पर पुलिस का अल्टीमेटम, हुड़दंग किया तो हवालात में मनेगा नया साल
भट्ट ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष विधानसभा में दिन में हंगामा करता है और रात को सोने की राजनीति करता है (सदन में धरने के दौरान सोने की घटनाओं की ओर इशारा)। उन्होंने कहा कि यह चुनावी साल से पहले का आखिरी वर्ष है, इसलिए विकास और विरोध के बीच के फर्क को जनता तक ले जाना होगा।
जीत का बड़ा लक्ष्य और संगठन की नसीहत
बैठक में प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार ने नेताओं को अति-आत्मविश्वास से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के काम शानदार हैं और जनता में स्वीकार्यता भी है, लेकिन इससे संतुष्ट होकर नहीं बैठना है। लक्ष्य 2027 में जीत के आंकड़े को और बड़ा करना है। बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक वंशीधर भगत, किशोर उपाध्याय समेत कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।















