देहरादून, 23 जनवरी। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के बयानों पर पलटवार करते हुए तीखा हमला बोला है।
चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को केवल षड्यंत्र और दुष्प्रचार का ‘चूर्ण’ बांट रही है। यही कारण है कि विपक्ष को हर मोर्चे पर हताशा का सामना करना पड़ रहा है।
अंकिता भंडारी केस और सीबीआई जांच पर सियासत
मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस का दोहरा रवैया अब जनता के सामने है। पहले कांग्रेस अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग कर रही थी।
जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी, तो अब कांग्रेस उस पर भी सवाल खड़े कर रही है।
उन्होंने भर्ती घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी कांग्रेस इसी मुद्दे पर शोर मचा रही थी। लेकिन जब सरकार ने सख्त जांच का निर्णय लिया, तो यह कांग्रेस के लिए अप्रत्याशित था और उनके हाथ से मुद्दा निकल गया। अब अंकिता केस में भी जल्द सीबीआई जांच से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
सुखवंत प्रकरण: निष्पक्षता के लिए ट्रांसफर जरूरी
सुखवंत प्रकरण पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है और पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में हो रही है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए यह जरूरी था कि संबंधित आरोपी अधिकारियों का उस क्षेत्र से स्थानांतरण किया जाए।
चौहान ने जोर देकर कहा कि जब तक आरोपी प्रभाव वाले क्षेत्र में रहते, जांच प्रभावित हो सकती थी। सरकार की पूरी सहानुभूति पीड़ित परिवार के साथ है और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
‘भाजपा में अनुशासन, कांग्रेस में परिवारवाद’
पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र पर बोलते हुए चौहान ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित और कार्यकर्ता आधारित पार्टी है, जबकि कांग्रेस में क्षत्रपों की गुटबाजी जगजाहिर है।
उन्होंने कहा कि भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष का मनोनयन और नई टीम का गठन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जबकि कांग्रेस में सारे निर्णय एक परिवार तक सीमित रहते हैं।
चौहान ने कांग्रेस की संगठनात्मक विफलता पर चुटकी लेते हुए कहा कि जो पार्टी चार साल बीतने पर भी अपनी प्रदेश कार्यकारिणी नहीं बना सकी, वह भाजपा को ज्ञान दे रही है।
उन्होंने कहा कि तीन दिन तक कानून व्यवस्था को कोसने वाली कांग्रेस का षड्यंत्र बेनकाब हो चुका है और जनता उन्हें फिर से सबक सिखाने के लिए तैयार है।



















