उत्तराखंड सरकार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। पहाड़ी इलाकों में अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी लंबे समय से एक चुनौती रही है, लेकिन अब सरकार ने खाली पदों को भरने का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है।
हजारों पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया
हाल ही में उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (UKMSSB) ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इनमें नर्सिंग अधिकारी, सहायक नर्सिंग मिडवाइफरी (एएनएम), दंत स्वच्छता विशेषज्ञ और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। कुल मिलाकर सैकड़ों पदों पर योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल रहा है, जो राज्य के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल को मजबूत करेगा।
स्वास्थ्य विभाग में बैकलॉग वाले नर्सिंग पदों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि चिकित्सा शिक्षा विभाग में मेडिकल कॉलेजों के लिए बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ की जरूरत पूरी की जा रही है। एएनएम की भूमिका ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बहुत अहम होती है, क्योंकि वे मातृ-शिशु स्वास्थ्य और बेसिक केयर प्रदान करती हैं। इसी तरह दंत हाईजिनिस्ट दांतों की सफाई और मौखिक स्वास्थ्य जागरूकता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
सरकार की प्राथमिकता: हर अस्पताल में पूरा स्टाफ
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट कहा है कि राजकीय अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सभी खाली पदों को जल्द से जल्द भरना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए चयन बोर्ड को तेजी से काम करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, चिकित्सकों के अतिरिक्त पदों पर भी भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, ताकि डॉक्टरों की कमी भी दूर हो सके।
यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना आसान नहीं होता। अच्छा स्टाफ होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिलेगा और उन्हें बड़े शहरों की ओर रेफर होने की जरूरत कम पड़ेगी।
योग्य युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
यदि आप स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह आपके लिए अच्छा मौका है। बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें और जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। सरकार का यह प्रयास न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा, बल्कि हजारों युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरी भी देगा।















