चमोली में भालू के हमले से दोस्त को बचाने वाले नन्हे पंकेश की बहादुरी की हर तरफ चर्चा हो रही है। शनिवार सुबह पोखरी विकासखंड में कक्षा 6 के छात्र पंकेश ने अपनी सूझबूझ से न केवल एक खूंखार भालू का मुकाबला किया, बल्कि अपने सहपाठी देवेश की जान भी बचाई। यह खबर सोशल मीडिया पर भी काफी सराहना बटोर रही है।
कैसे हुआ हमला
यह घटना उस समय हुई जब जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर के दो छात्र, देवेश और पंकेश, रोजाना की तरह स्कूल जा रहे थे। जैसे ही वे आंगनबाड़ी केंद्र के समीप पहुंचे, झाड़ियों में पहले से घात लगाकर बैठे एक भालू के बच्चे ने अचानक देवेश पर हमला बोल दिया। भालू ने देवेश के पैर को अपने जबड़ों में दबोच लिया, जिससे वह दर्द के मारे चिल्लाने लगा।
पंकेश की सूझबूझ और जवाबी हमला
ऐसी खतरनाक स्थिति में जब लोग अक्सर जान बचाकर भागते हैं, पंकेश वहां से हटने के बजाय अपने दोस्त की मदद के लिए डट गया। पंकेश ने बिना एक पल गंवाए पास पड़े पत्थरों को उठाया और पूरी ताकत से भालू पर प्रहार करना शुरू कर दिया। इस अचानक हुए साहसिक प्रतिरोध से भालू घबरा गया और देवेश को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।
चमोली पुलिस की अपील
पंकेश के इस साहसिक कदम की मिसाल देते हुए चमोली पुलिस ने छात्र के जज्बे को सलाम किया है। पुलिस का कहना है कि पंकेश ने साबित कर दिया कि हौसले के सामने डर भी हार जाता है। इस घटना के बाद पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को वन्य जीवों के प्रति सतर्क रहने के लिए जागरूक करें और उन्हें ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में अकेले न भेजें।















