उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में देहरादून के रायपुर क्षेत्र में स्थित प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय में चल रहे अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं को करीब से देखा और तैयारी कर रहे युवाओं से बातचीत की। यह दौरा राज्य के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
अग्निवीर योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जो युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना, नौसेना या वायुसेना में सेवा देने का अवसर प्रदान करती है। इस दौरान पहले छह महीने कठोर प्रशिक्षण पर फोकस रहता है, जिसमें शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और तकनीकी कौशल विकसित किए जाते हैं। योजना का उद्देश्य सेनाओं को युवा और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है, साथ ही युवाओं में राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व की भावना जगाना है।
युवाओं से सीधा संवाद और प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने केंद्र में मौजूद युवाओं से उनकी दैनिक दिनचर्या, प्रशिक्षण के अनुभव और आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह भी जाना कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें किस तरह की अतिरिक्त सुविधाओं की जरूरत महसूस हो रही है। इस बातचीत से युवाओं का मनोबल काफी बढ़ा।
खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री खुद केंद्र में चल रही खेल और शारीरिक गतिविधियों में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं के साथ व्यायाम किया और उन्हें कड़ी मेहनत, अनुशासन तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी सुविधाएं उच्च स्तर की हों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समय-समय पर बेहतर बनाया जाए, ताकि विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की मदद से युवा शारीरिक व मानसिक दोनों रूप से मजबूत बनें।
राज्य सरकार की मुफ्त प्रशिक्षण व्यवस्था
उत्तराखंड सरकार युवाओं को अग्निवीर भर्ती के लिए पूरी तरह मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण दे रही है। इसका मकसद है कि राज्य के युवा आत्मविश्वास के साथ चयन प्रक्रिया में सफल हों और देश की सेवा करें। उत्तराखंड की सैन्य परंपरा बहुत मजबूत है, जहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सेना में सेवा देता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार सभी जिलों में ऐसे प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने भविष्य में हर जिले के दौरे के दौरान इन केंद्रों का निरीक्षण करने की योजना भी बताई। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता लगातार बेहतर होती रहेगी।
अग्निवीर बनने के बाद मिलने वाले फायदे
यह योजना युवाओं के लिए सिर्फ देश सेवा का मौका ही नहीं, बल्कि भविष्य के लिए मजबूत आधार भी तैयार करती है। चार साल की सेवा पूरी करने के बाद युवा अनुशासन, समय प्रबंधन, नेतृत्व और तकनीकी कौशल जैसे गुणों से लैस होकर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
उत्तराखंड सरकार ने सेवामुक्त अग्निवीरों को राज्य की सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने का प्रावधान भी किया है, जो उनके करियर को और सुरक्षित बनाता है। योजना से युवा न केवल राष्ट्र की रक्षा में योगदान देते हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए तैयार होते हैं।
इस दौरे में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर सचिव डॉ. आशीष चौहान समेत खेल और युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का यह प्रयास उत्तराखंड के युवाओं को सेना में अधिक से अधिक स्थान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।















