CM Dhami : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून स्थित सचिवालय में कृषि, पशुपालन, पर्यटन और उद्योग विभाग की अहम बैठक ली। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वरोजगार की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुँचना चाहिए।
धामी ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ मंत्र के साथ आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकारी फाइलों में दर्ज योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी है जब आम जनता को उनकी पूरी जानकारी हो। इसके लिए प्रचार-प्रसार और धरातल पर क्रियान्वयन को तेज करने की जरूरत है।
खेती और बागवानी से बदलेगी तस्वीर
उत्तराखंड में सेब की अति सघन बागवानी और कीवी उत्पादन पर राज्य सरकार का विशेष ध्यान है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को उनके उत्पादों का सही मूल्य मिले और उनके भुगतान में कोई देरी न हो। शहद उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए ‘हनी मिशन’ के तहत ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को उन राज्यों का दौरा करने को भी कहा गया है जहाँ बागवानी और मौन पालन (मधुमक्खी पालन) में उत्कृष्ट कार्य हो रहा है। उत्तराखंड की मिलेट पॉलिसी के तहत मंडुवा और झंगोरा जैसी फसलों की खरीद के लिए 216 केंद्र खोले गए हैं। इस साल लक्ष्य से अधिक 5,386 मीट्रिक टन मिलेट की खरीद की जा चुकी है।
स्वरोजगार और पर्यटन में रिकॉर्ड उपलब्धि
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत राज्य में तय लक्ष्य से अधिक काम हुआ है। पिछले चार सालों में 32 हजार के लक्ष्य के मुकाबले 33,620 लोगों को आर्थिक सहायता दी गई है। अगले एक साल में 9 हजार और युवाओं को इससे जोड़ने का लक्ष्य है।
पर्यटन के क्षेत्र में ‘दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना’ और ‘वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना’ के माध्यम से हजारों लोग आत्मनिर्भर बने हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने भी राज्य में 17 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दिया है। बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और गणेश जोशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



















