ब्रिटिश काल से चले आ रहे लॉर्ड कर्जन मार्ग का नाम अब बदल गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घोषणा की कि ग्वालदम से तपोवन तक जाने वाली सड़क अब ‘नंदा-सुनंदा मार्ग’ के नाम से जानी जाएगी। यह बड़ा ऐलान उन्होंने पीपलकोटी के सेमलडाला में आयोजित 24वें बंड विकास औद्योगिक एवं सांस्कृतिक मेले के दौरान किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई अहम सौगातें दीं। उन्होंने सेमलडाला खेल मैदान के विस्तारीकरण की घोषणा की, जिससे स्थानीय युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसके अलावा, कुरुड़ स्थित राजराजेश्वरी मंदिर का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा और मंडल के अनसूया देवी मंदिर में यात्रियों के लिए विश्राम गृह का निर्माण होगा। सीएम ने नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग पर पेयजल समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने के निर्देश भी दिए।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए धामी ने कहा कि सरकार द्वारा दिए जाने वाले स्मृति चिह्न अब स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तैयार कर रही हैं। इससे ग्रामीण आजीविका को सीधा बल मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि ‘हाउस ऑफ हिमालय’ ब्रांड और ‘एक जनपद दो उत्पाद’ जैसी योजनाओं से स्थानीय उत्पादों को मंच मिल रहा है। राज्य में 800 से अधिक होमस्टे संचालित हो रहे हैं और उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।
केदारनाथ और बदरीनाथ में चल रहे मास्टर प्लान के कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रोपवे और रेल परियोजनाओं से आर्थिकी को नई गति मिलेगी।
अवैध कब्जों पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीएम ने बताया कि प्रदेश में सख्त भू-कानून लागू कर दिया गया है और अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। उन्होंने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत न्याय पंचायत स्तर पर समस्याएं सुलझाने की अपील भी की।
कार्यक्रम में थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



















