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तीन तलाक और हलाला पर लगा पूर्ण विराम, Mahendra Bhatt ने पेश किया UCC का रिपोर्ट कार्ड

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के एक साल पूरा होने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसके प्रभाव को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने दावा किया कि कानून लागू होने के बाद राज्य में विवाह पंजीकरण 200 गुना बढ़ गए हैं और तीन तलाक जैसी प्रथाओं पर पूरी तरह रोक लगी है। भट्ट ने इसे देश के अन्य राज्यों के लिए एक प्रमाणित 'मॉड्यूल' करार दिया।

Published on: January 27, 2026 10:14 PM
तीन तलाक और हलाला पर लगा पूर्ण विराम, Mahendra Bhatt ने पेश किया UCC का रिपोर्ट कार्ड
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HIGHLIGHTS

  1. बड़ा बदलाव: यूसीसी लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण की संख्या में 200 गुना की भारी बढ़ोतरी।
  2. सामाजिक सुधार: तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं पर लगभग शत-प्रतिशत रोक लगाने का दावा।
  3. महिला सुरक्षा: लिव-इन रिलेशनशिप पंजीकरण से बेटियों की सुरक्षा और अधिकारों में वृद्धि।
  4. राष्ट्रीय मॉडल: उत्तराखंड का यूसीसी कानून अब पूरे देश के लिए एक नजीर बन गया है।

Mahendra Bhatt : उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के सफल क्रियान्वयन का एक वर्ष पूरा होने पर भाजपा संगठन ने इसे बड़ी उपलब्धि करार दिया है।

प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस मौके पर कानून का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि राज्य में विवाह पंजीकरण का आंकड़ा 200 गुना तक बढ़ गया है। यह साबित करता है कि जनता ने इस कानून को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है।

धोखे से शादी और तीन तलाक पर प्रहार

महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया कि यूसीसी के अस्तित्व में आने के बाद प्रदेश में अब कोई भी चोरी-छिपे या धोखे से शादी कर नहीं रह सकता। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय में तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं पर लगभग शत-प्रतिशत रोक लगाने में सरकार सफल रही है।

इस कानून ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य को एक नए मुकाम पर पहुँचाया है। अब धर्म के आधार पर होने वाले कानूनी भेदभाव और पेचीदगियां पूरी तरह खत्म हो गई हैं।

देश के लिए बना ‘प्रमाणित मॉड्यूल’

भट्ट ने कहा कि देवभूमि का यह कानून समानता का वह प्रमाणित मॉड्यूल है, जो पूरे देश में समान कानून का आधार बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने यह गौरव हासिल किया है।

उन्होंने बताया कि कई अन्य राज्यों ने उत्तराखंड की पहल को नजीर मानते हुए अपने यहां कमेटियां गठित की हैं। यहाँ मिले अनुभव और परिणाम दूसरे प्रदेशों के लिए बेहद लाभकारी साबित होंगे।

लिव-इन रिलेशनशिप पर विपक्ष को जवाब

विपक्ष पर निशाना साधते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को लेकर जो झूठ फैलाया गया था, वह अब बेनकाब हो चुका है। एक साल के अनुभव ने दिखाया है कि पंजीकरण से बहन-बेटियों की सुरक्षा और अधिकारों में जबरदस्त वृद्धि हुई है।

अब इन रिश्तों की जानकारी परिवार को भी मिल रही है। भट्ट ने कहा कि यूसीसी की सफलता ने विपक्ष के भ्रम और अफवाहों के गुब्बारे की हवा निकाल दी है।

संपत्ति और बाल अधिकारों में समानता

इस कानून के जरिए विवाह, विवाह-विच्छेद और उत्तराधिकार के नियम सभी धर्मों के लिए एक समान कर दिए गए हैं। संपत्ति के बंटवारे और बाल अधिकारों पर स्पष्ट कानून बनने से आम जनता की सुविधा बढ़ी है।

भट्ट ने कहा कि यह बाबा साहेब अंबेडकर की भावनाओं के अनुरूप उठाया गया ऐतिहासिक कदम है। स्वदेशी प्रशंसा और विदेशी नकारात्मक एजेंसियों की आलोचना यह पुष्टि करती है कि सरकार सही रास्ते पर है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 📧 Email: harpreetssoni9@gmail.com

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