देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में जनता दरबार लगाया। जनसुनवाई में 171 फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। डीएम ने न सिर्फ शिकायतें सुनीं, बल्कि कई मामलों में अधिकारियों को फोन मिलाकर मौके पर ही समाधान भी निकाला। जमीन विवाद से लेकर स्कूल फीस और भरण-पोषण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर प्रशासन का रुख बेहद सख्त और मानवीय रहा।
गरीबी और लाचारी पर प्रशासन का मरहम बिहार की रहने वाली रीना देवी जब डीएम के सामने पहुंचीं, तो उनकी बेबसी साफ झलक रही थी। उनका 11 साल का बेटा न बोल सकता है, न सुन सकता है। मजदूरी करने वाली रीना के पास बेटे को पढ़ाने के पैसे नहीं थे।
डीएम ने तुरंत जिला समाज कल्याण अधिकारी को बच्चे का स्पेशल स्कूल में नि:शुल्क दाखिला करवाने का आदेश दिया। इसी तरह, बंजारावाला की रश्मि चौहान आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की स्कूल फीस नहीं भर पा रही थीं। डीएम ने शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूलों से बात कर फीस का हल निकालें, ताकि बच्चों की पढ़ाई न रुके।
बुजुर्ग का दर्द और घरेलू कलह पर एक्शन रिश्तों के धोखे की कहानी लेकर 70 वर्षीय दिव्यांग मदन सिंह भी दरबार में पहुंचे। उन्होंने बताया कि पत्नी और बच्चों ने धोखे से सारी संपत्ति अपने नाम करवा ली और उन्हें घर से बेदखल कर दिया। बुजुर्ग की पीड़ा देख डीएम ने मौके पर ही भरण-पोषण का वाद दर्ज करवा दिया।
वहीं, पति की प्रताड़ना झेल रही मंगला सिंह को पिछले पांच महीनों से गुजारा भत्ता नहीं मिल रहा था और जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। डीएम ने एसडीएम और सीओ प्रेमनगर को महिला को तत्काल सुरक्षा और न्याय दिलाने के निर्देश दिए।
धोखाधड़ी पर तुरंत एफआईआर गाजियाबाद निवासी विकास ने शिकायत की कि जमीन के नाम पर उनसे 7 लाख रुपये की ठगी की गई है। पैसे वापस मांगने पर जालसाज अब जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। डीएम ने इस मामले में जरा भी देरी न करते हुए पुलिस को दूसरे पक्ष के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने को कहा।
सड़क, पानी और वेतन की समस्याओं का निपटारा सहसपुर से होरावाला-कोटडा मार्ग पर तीन साल से बस सेवा बंद थी। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए डीएम ने रोडवेज को तत्काल बसें चलाने का आदेश दिया है। वहीं, ग्राम गाता में जल जीवन मिशन के तहत बिना काम हुए भुगतान की शिकायत पर सीडीओ को जांच सौंप दी गई है। सेलाकुई में सफाई कर्मियों का वेतन न मिलने पर ईओ को ठेकेदार पर एक्शन लेने को कहा गया।
जन सुनवाई में डीएम ने अजबपुर कलां में सरकारी भूमि पर कब्जे और ऋषिकेश में बिना पानी के बिल आने जैसी शिकायतों पर भी अधिकारियों की जवाबदेही तय की। इस दौरान एडीएम, एसडीएम समेत तमाम जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।















