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Dehradun : बीमा क्लेम मिलने के बाद भी बैंक ने माँगी 3.30 लाख रकम, डीएम ने 24 घंटे में दिलाया न्याय

Published on: December 12, 2025 7:32 PM
Dehradun : बीमा क्लेम मिलने के बाद भी बैंक ने माँगी 3.30 लाख रकम, डीएम ने 24 घंटे में दिलाया न्याय
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देहरादून : देहरादून में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने एक बार फिर बैंकों की मनमानी को उजागर किया, लेकिन अच्छी बात ये रही कि जिला प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया। मामला बैंक ऑफ बड़ौदा का है, जहाँ एक बुजुर्ग विधवा कमलेश देवी और उनकी दिव्यांग बेटी प्रीति सिंह को महीनों तक परेशान किया जा रहा था, जबकि उनके पति का कर्ज पूरी तरह बीमा से चुकता हो चुका था।

पिता के निधन के बाद शुरू हुई मुसीबत

साल 2023 में राजेंद्र पाल सिंह ने अपने घर के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा से 13 लाख रुपये का होम लोन लिया था। बैंक कर्मचारियों के सुझाव पर उन्होंने लोन का ग्रुप क्रेडिट लाइफ इंश्योरेंस भी कराया था, ताकि उनकी मृत्यु की स्थिति में परिवार पर कर्ज का बोझ न रहे। अप्रैल 2025 तक उन्होंने हर महीने 22,295 रुपये की किस्त समय पर जमा की।

दुर्भाग्य से अप्रैल 2025 में ही राजेंद्र पाल का निधन हो गया। परिवार ने तुरंत बैंक और इंश्योरेंस कंपनी को सूचना दी। जून 2025 में इंश्योरेंस कंपनी ने पूरा क्लेम अमाउंट बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दिया। सामान्य नियम के मुताबिक इसके बाद बैंक को लोन अकाउंट बंद करके नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करना चाहिए था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

बैंक ने माँग लिए अतिरिक्त पैसे, दी संपत्ति जब्त करने की धमकी

बीमा क्लेम मिलने के बावजूद बैंक ने प्रीति और उनकी माँ से 3 लाख 30 हजार 980 रुपये अतिरिक्त जमा कराने को कहा। जब परिवार ने मना किया तो बैंक वालों ने घर और संपत्ति जब्त करने की धमकियाँ देनी शुरू कर दीं। महीनों तक चक्कर कटवाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार हताश होकर प्रीति सिंह खुद जिलाधिकारी कार्यालय पहुँची और अपनी पूरी व्यथा सुना दी।

जिलाधिकारी का त्वरित एक्शन, 24 घंटे में मिला न्याय

जिलाधिकारी सविन बंसल ने शिकायत को गंभीरता से लिया और तुरंत उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी को जाँच के आदेश दिए। जाँच में साफ हो गया कि बीमा कंपनी ने पूरा क्लेम चुका दिया है और बैंक गलत तरीके से अतिरिक्त पैसे वसूलने की कोशिश कर रहा था।

प्रशासन ने बैंक की इतनी ही राशि (3.30 लाख रुपये) की रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी कर दी। जैसे ही आरसी कटी, बैंक के तेवर बदल गए। महज 24 घंटे के अंदर बैंक ने प्रीति सिंह के नाम 3,30,980 रुपये का चेक जारी कर दिया। आज जिलाधिकारी ने खुद अपने कार्यालय में प्रीति को यह चेक सौंपा।

डीएम का सख्त संदेश: मनमानी बर्दाश्त नहीं

चेक सौंपते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने साफ कहा कि कोई भी वित्तीय संस्थान आम नागरिक के साथ इस तरह का अनुचित व्यवहार नहीं कर सकता। देहरादून जिला प्रशासन हर पीड़ित की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करेगा और भविष्य में भी ऐसी घटनाओं पर सख्ती बरती जाएगी।

Prateek Sharma

प्रतीक शर्मा एक तकनीक-प्रेमी लेखक हैं, जो मोबाइल और टेक्नोलॉजी जगत की गहरी समझ रखते हैं। इनोवेशन (नवाचार) के प्रति अपने जुनून के चलते, वह टेक्नोलॉजी के नवीनतम ट्रेंड्स, नए गैजेट लॉन्च और तकनीकी प्रगति पर विस्तृत व ज्ञानवर्धक लेख तैयार करते हैं। उनकी लेखन शैली की खासियत यह है कि वह जटिल तकनीकी विषयों को भी बेहद सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं। प्रतीक शर्मा पिछले चार वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं।

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