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Dehradun : देहरादून आने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर, जाम से मिलेगी मुक्ति

Published on: December 11, 2025 7:02 PM
Dehradun : देहरादून आने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर, जाम से मिलेगी मुक्ति
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देहरादून : सर्दियों का मौसम हमेशा से ही पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। हर साल दिसंबर से जनवरी तक, क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के दौरान, हजारों लोग यहां की खूबसूरत वादियों, मसूरी और आसपास के हिल स्टेशनों का रुख करते हैं।

उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल इस सीजन में करीब 5 लाख से ज्यादा पर्यटक देहरादून पहुंचे थे, जो शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं। लेकिन इस बार, शहर प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो।

पर्यटन और शादियों के सीजन में ट्रैफिक की चुनौती

सर्दियों में स्कूलों की छुट्टियां पड़ने से परिवारों की संख्या बढ़ जाती है, और साथ ही शादियों का मौसम भी जोरों पर रहता है। ऐसे में देहरादून की सड़कें अक्सर जाम से प्रभावित होती हैं। हाल के महीनों में शहर में विभिन्न मुद्दों पर धरना, जुलूस और रैलियां आयोजित होने से ट्रैफिक की समस्या और गंभीर हो गई है। प्रशासन का मानना है कि ये गतिविधियां न केवल आम लोगों को परेशान करती हैं, बल्कि पर्यटकों के अनुभव को भी खराब कर सकती हैं। इसलिए, शहर के प्रमुख स्थानों पर सख्ती बरती जा रही है ताकि सब कुछ सुचारू रूप से चले।

प्रतिबंधित इलाकों में क्या नहीं कर सकते

देहरादून पुलिस ने घंटाघर, गांधी पार्क, परेड ग्राउंड और उसके आसपास के क्षेत्रों को विशेष रूप से चिह्नित किया है। इसके अलावा, कनक चौक, एस्ले हॉल चौक, दर्शन लाल चौक, तहसील चौक और बुद्धा चौक जैसे व्यस्त चौराहों पर भी सख्त नियम लागू हैं। यहां बिना अनुमति के किसी भी तरह का धरना, प्रदर्शन, जुलूस, शोभायात्रा या रैली आयोजित करना प्रतिबंधित है। साथ ही, नारेबाजी या लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता। ये नियम इसलिए बनाए गए हैं क्योंकि ये जगहें शहर के मुख्य ट्रैफिक पॉइंट हैं, जहां जाम लगने से पूरे शहर पर असर पड़ता है।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

अगर कोई व्यक्ति या समूह इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई तुरंत और कड़ाई से की जाएगी। पहले से ही इन स्थानों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(1) के अंतर्गत प्रतिबंधित घोषित किया जा चुका है, जो सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है। यह कदम शहर की सुरक्षा और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है, ताकि हर कोई बिना किसी रुकावट के सर्दियों का आनंद ले सके।

पर्यटकों के लिए सलाह और फायदे

देहरादून आने वाले पर्यटकों के लिए यह अच्छी खबर है, क्योंकि अब सड़कें ज्यादा सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहेंगी। अगर आप प्लानिंग कर रहे हैं, तो पहले से ही ट्रैफिक अपडेट चेक करें और वैकल्पिक रूट्स का इस्तेमाल करें। स्थानीय निवासियों से अपील है कि वे अपनी मांगों को जाहिर करने के लिए वैध तरीके अपनाएं, जैसे कि आधिकारिक अनुमति लेकर। कुल मिलाकर, ये नियम शहर को और आकर्षक बनाने में मदद करेंगे, जहां पर्यटन से जुड़ी नौकरियां और व्यापार फल-फूल सकें।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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