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Dehradun : दून की सड़कों पर रॉन्ग साइड चले तो अब जेल, पुलिस ने दर्ज किया पहला मुकदमा

देहरादून में होने वाले 76 फीसदी सड़क हादसों की मुख्य वजह ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार) सामने आई है। शहर के पटेलनगर और शिमला बाईपास क्षेत्र 'डेथ जोन' के रूप में उभरे हैं, जहां हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दून पुलिस ने अब गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सीधे मुकदमे दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

Published on: January 29, 2026 2:57 PM
Dehradun : दून की सड़कों पर रॉन्ग साइड चले तो अब जेल, पुलिस ने दर्ज किया पहला मुकदमा
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HIGHLIGHTS

  1. देहरादून में साल 2025 के दौरान हुए 443 हादसों में से 339 की वजह वाहनों की बेलगाम रफ्तार रही।
  2. पटेलनगर का आईएसबीटी और शिमला बाईपास क्षेत्र सबसे संवेदनशील हॉटस्पॉट बने, जहां हादसों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई।
  3. गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में ड्राइविंग करने वालों पर दून पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सीधे एफआईआर दर्ज करना शुरू किया है।
  4. नेहरू कॉलोनी पुलिस ने विधानसभा तिराहे पर लापरवाही से स्कूटर चलाने वाले दो युवकों पर पहला मुकदमा दर्ज कर कड़ा संदेश दिया।

Dehradun : देहरादून जिले की सड़कों पर रफ्तार का जुनून लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। पुलिस रिपोर्ट और विभागीय निरीक्षण के आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि जिले में होने वाले 76.57 फीसदी सड़क हादसों की इकलौती वजह ओवरस्पीडिंग है।

साल 2025 में दर्ज कुल 443 हादसों में से 339 दुर्घटनाएं केवल तेज गति के कारण हुईं। इन हादसों ने जिले में 207 लोगों की जिंदगी छीन ली, जबकि 248 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

पटेलनगर और हाईवे क्षेत्र बने नए ‘डेथ जोन’

देहरादून शहर के भीतर पटेलनगर थाना क्षेत्र सबसे संवेदनशील हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। आईएसबीटी और शिमला बाईपास रोड पर हादसों का ग्राफ कम होने के बजाय साल-दर-साल बढ़ रहा है।

पटेलनगर में साल 2023 में जहां 19 मौतें हुई थीं, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 22 तक पहुंच गया है। देहात क्षेत्रों की बात करें तो डोईवाला और ऋषिकेश के हाईवे क्षेत्र भी अत्यधिक जोखिम वाले इलाकों में शामिल हैं।

रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर अब सीधे FIR

सड़क हादसों का दूसरा सबसे बड़ा कारण गलत दिशा में वाहन चलाना पाया गया है। एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर दून पुलिस ने अब केवल चालान काटने की रस्म अदायगी छोड़ दी है।

खतरनाक स्थानों पर रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने वालों पर अब सीधे मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। विधानसभा तिराहे पर लापरवाही से स्कूटर चलाने वाले दो युवकों के खिलाफ नेहरू कॉलोनी थाने में केस दर्ज किया गया है, जो शहर के भीतर इस तरह की पहली बड़ी कार्रवाई है।

पुलिस की नई रणनीति और ब्लैक स्पॉट

एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट किया है कि हादसों को रोकने के लिए प्रवर्तन की कार्रवाई को और अधिक सख्त बनाया जा रहा है। सड़कों पर चिन्हित किए गए ‘ब्लैक स्पॉट्स’ में सुधार का काम जारी है।

पुलिस अब चालान के साथ-साथ सड़क सुरक्षा अभियानों के जरिए चालकों को गति नियंत्रण की जिम्मेदारी समझा रही है। नशे में वाहन चलाना, मोबाइल का प्रयोग और रेड लाइट जंप करना भी पुलिस की रडार पर है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 📧 Email: harpreetssoni9@gmail.com

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