देहरादून की व्यस्त जीएमएस रोड पर एक हेयर सैलून अचानक सुर्खियों में आ गया। बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने इस दुकान को बंद करवा दिया और बाहर लगे साइनबोर्ड को हटा दिया। वजह थी दुकान का नाम और उसके संचालक की पहचान का आपसी मेल न खाना।
यह सैलून ‘लक्की हेयर ड्रेसर’ के नाम से चल रहा था, जो सुनने में आम भारतीय नाम लगता है। लेकिन कार्यकर्ताओं को शक हुआ कि इसे कोई गैर-हिंदू व्यक्ति चला रहा है। उन्होंने दुकान पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन किया, जिसमें संचालक का नाम और अन्य जानकारी सामने आई। इससे पता चला कि दुकान एक मुस्लिम युवक के हाथों में है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि ऐसे नाम से दुकान चलाकर ग्राहकों को गुमराह किया जा रहा है।
इस घटना के बाद कार्यकर्ताओं ने सैलून मालिक को सख्त चेतावनी दी कि अगर दोबारा दुकान खोली गई तो कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने पोस्टर और बोर्ड भी फाड़ दिए या हटा दिए। यह पूरा मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा का विषय बन गया।
हालिया घटना ने बढ़ाई तनाव की स्थिति
यह कार्रवाई कोई अचानक फैसला नहीं थी। सिर्फ दो दिन पहले शिमला बाईपास इलाके में एक गेस्ट हाउस से एक नाबालिग लड़की के साथ एक मुस्लिम युवक को पकड़ा गया था। उस मामले में पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया। इस घटना ने स्थानीय हिंदू संगठनों में गुस्सा भड़का दिया और बजरंग दल के कार्यकर्ता ज्यादा सतर्क हो गए।
उत्तराखंड में पिछले कुछ समय से ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं, जहां अंतर-धार्मिक मामलों या कथित धोखाधड़ी पर संगठन सक्रिय हो जाते हैं। बजरंग दल, जो विश्व हिंदू परिषद की युवा शाखा है, अक्सर हिंदू हितों की रक्षा के नाम पर ऐसी कार्रवाइयां करता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विवाद सामुदायिक सद्भाव को प्रभावित कर सकते हैं और कानून अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति बढ़ा सकते हैं।
क्या कहता है कानून और समाज?
भारत में व्यापार करने की आजादी है, लेकिन नाम या पहचान से जुड़े विवाद अक्सर भावनाओं को भड़काते हैं। कई लोग इसे ‘लव जिहाद’ या ‘इकोनॉमिक जिहाद’ जैसी साजिश से जोड़ते हैं, जबकि दूसरी तरफ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला मानते हैं। पुलिस ने अभी इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन ऐसे मामलों में आमतौर पर शांति बनाए रखने की अपील की जाती है।
देहरादून जैसे शांत शहर में ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। उम्मीद है कि प्रशासन दोनों समुदायों के बीच संवाद बढ़ाएगा ताकि छोटे विवाद बड़े तनाव में न बदलें।













