Dehradun News : सेलाकुई के भीड़भाड़ वाले बाजार में बुधवार (28 जनवरी 2026) को एक 3 साल का बच्चा अकेला भटकता हुआ मिला। मासूम को लावारिस हालत में देख मौके पर मौजूद पुलिस की चीता यूनिट ने तुरंत उसे अपनी सुरक्षा में ले लिया।
बच्चा काफी छोटा था और घबराया हुआ था, इसलिए पुलिसकर्मी उसे थाने ले आए।
नाम-पता नहीं बता पाया बच्चा
थाने में पुलिसकर्मियों ने बच्चे को दुलारते हुए उससे बात करने की कोशिश की। पुलिस ने उससे उसका नाम और घर का पता पूछने का प्रयास किया, लेकिन कम उम्र होने के कारण वह अपने या अपने परिवार के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दे सका।
इसके बाद पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आधुनिक तकनीक और स्थानीय नेटवर्क का सहारा लिया।
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप बने मददगार
पुलिस ने बच्चे की फोटो लेकर तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और इलाके के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में शेयर की। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों को भी बच्चे की फोटो दिखाकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस की यह कोशिश रंग लाई। कुछ ही देर में सूचना बच्चे के माता-पिता तक पहुंच गई। जानकारी मिलते ही बदहवास परिजन थाने पहुंचे और अपने जिगर के टुकड़े को सही सलामत देख उनकी जान में जान आई।
खेल-खेल में निकल गया था घर से दूर
बच्चे के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि वे आसपास के क्षेत्र में मजदूरी का काम करते हैं। बच्चा घर के बाहर खेल रहा था और खेलते-खेलते वह घर से दूर निकल गया और रास्ता भटक कर बाजार पहुंच गया।
बच्चे की सकुशल बरामदगी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर परिजनों ने राहत की सांस ली। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए सेलाकुई पुलिस का आभार व्यक्त किया।



















