Uttarakhand Dhami Cabinet Decisions 2026 : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली, जिसमें राज्य के विकास और सुरक्षा से जुड़े कुल 8 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट की कार्यवाही शुरू होने से पहले एक दुखद खबर पर शोक व्यक्त किया गया। मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर गहरा दुःख जताया और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।
इसके बाद राज्यहित में कई बड़े निर्णय लिए गए।
हवाई पट्टियां अब रक्षा मंत्रालय के पास
सामरिक दृष्टि से उत्तराखंड के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। चमोली स्थित गौचर और उत्तरकाशी की चिल्यालीसौड़ हवाई पट्टी अब रक्षा मंत्रालय के अधीन होगी। सरकार ने भारतीय वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद इन हवाई पट्टियों को ‘एडवांस लैंडिंग ग्राउंड’ के रूप में विकसित करने की सहमति दी है। अब इनका संचालन संयुक्त रूप से नागरिक और सैनिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
ग्रीन एनर्जी और उद्योग को बढ़ावा
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए धामी सरकार ने ‘उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026’ के प्रख्यापन को मंजूरी दे दी है। इससे राज्य में हरित हाइड्रोजन उत्पादन को सीधा बढ़ावा मिलेगा। वहीं, उद्योगों को रफ्तार देने के लिए ऊधम सिंह नगर स्थित प्राग फॉर्म की 1354.14 एकड़ जमीन सिडकुल को ट्रांसफर करने के शासनादेश में संशोधन किया गया है। यहाँ अब औद्योगिक आस्थान विकसित किया जाएगा।
स्वास्थ्य और जमीन अधिग्रहण के नियम बदले
कैबिनेट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सेवा नियमावली 2026 को हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा, राजस्व विभाग ने विकास परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब परियोजनाओं के लिए भूमि मालिकों से आपसी समझौते के आधार पर जमीन ली जा सकेगी और इसी आधार पर प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है।
जनजातीय क्षेत्रों पर फोकस और जल मूल्य
जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए देहरादून, चमोली, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जैसे जनजाति बाहुल्य जिलों में विभागीय ढांचे के पुनर्गठन को सहमति मिली है। साथ ही उत्तराखंड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 को भी मंजूरी दी गई।
सरकार ने जल संसाधनों के उपयोग पर भी नियम सख्त किए हैं। राज्य में गैर-कृषि कार्यों के लिए भूजल निकालने पर अब जल मूल्य या प्रभार चुकाना होगा। शिक्षा क्षेत्र में निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2023 में संशोधन करते हुए ‘जीआरडी उत्तराखंड’ नाम से नया विश्वविद्यालय खोलने को भी मंजूरी मिल गई है।



















