DM Savin Bansal : देहरादून जिला प्रशासन ने सड़कों पर घूमते बेसहारा पशुओं और गोवंश संरक्षण को लेकर बड़ी पहल शुरू की है। शुक्रवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में कालसी, प्रेमनगर और ऋषिकेश समेत कई इलाकों में गोसदनों (गौशालाओं) के निर्माण और संचालन के लिए धनराशि जारी करने की मंजूरी दी।
प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में निराश्रित पशुओं की आश्रय क्षमता को बढ़ाकर जल्द से जल्द 5400 तक पहुंचाया जाए।
निर्माण कार्यों के लिए लाखों का बजट जारी
डीएम सविन बंसल ने विकासखंड कालसी के खेरूवा में गौशाला निर्माण के लिए स्वीकृत 49.98 लाख रुपये की राशि तुरंत जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, सहसपुर तहसील के मौजा आरकेडिया ग्रांट (प्रेमनगर) में बनी गौशाला की बाउंड्री वॉल के लिए स्वीकृत 30.11 लाख रुपये में से शेष 14.62 लाख रुपये भी अवमुक्त कर दिए गए हैं।
प्रशासन इससे पहले सहसपुर के ग्राम छरबा में गोवंश आश्रय के लिए 46.65 लाख रुपये जारी कर चुका है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को साफ निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा पर कड़ी नजर रखी जाए।
तीन गौशालाओं को मिलेगी राजकीय मान्यता
बैठक में निजी व संस्थागत गौशालाओं को सरकारी ढांचे में लाने पर भी चर्चा हुई। श्री हंस कालू सिद्व बाबा जी गौशाला ट्रस्ट (डोईवाला) और गुरु राम राय एजुकेशन मिशन दरबार साहिब द्वारा संचालित भण्डारीबाग व करनपुर की गौशालाओं को राजकीय मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। डीएम ने इन संस्थाओं को जमीन के दस्तावेज और पशु कल्याण बोर्ड की सिफारिशों के साथ प्रस्ताव जल्द सौंपने को कहा है।
इसके अलावा, ऋषिकेश के लक्कड़ घाट में प्रस्तावित गोसदन को जिला पंचायत से एनओसी मिल गई है। डीएम ने नगर निगम ऋषिकेश को वहां तत्काल संचालन शुरू करने और फंड की जरूरत पड़ने पर प्रस्ताव भेजने को कहा है।
बीमार पशुओं के इलाज पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सिर्फ छत देना काफी नहीं है, पशुओं की सेहत भी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोसदनों में नियमित स्वास्थ्य जांच हो। बीमार और घायल पशुओं का समय पर इलाज और टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। पशुओं को संतुलित आहार और साफ पानी मिलना जरूरी है।
5400 गोवंश को आश्रय देने की तैयारी
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बैठक में बताया कि अभी देहरादून जिले में कुल 10 गोसदन चल रहे हैं। इनमें सहसपुर में 4, विकासनगर और डोईवाला में 2-2, जबकि चकराता और धर्मपुर में 1-1 गोसदन शामिल हैं। फिलहाल जिले में 3700 निराश्रित पशुओं को रखने की क्षमता है।
नए निर्माण पूरे होने के बाद यह क्षमता बढ़कर 5400 हो जाएगी। प्रशासन ने डोईवाला के माजरी ग्रांट (4.89 करोड़), रायवाला (4.97 करोड़) और रायपुर के भोपालपानी (1.90 करोड़) समेत कई बड़े प्रस्ताव शासन को मंजूरी के लिए भेजे हैं।



















