देहरादून। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाए गए एक विवादित वीडियो और बेरोजगारी के मुद्दे पर आज देहरादून की सड़कों पर जमकर सियासी संग्राम हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अपने समर्थकों के साथ भाजपा मुख्यालय की ओर कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रिस्पना पुल के पास ही बैरिकेड लगाकर रोक दिया।
इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। आगे बढ़ने से रोके जाने पर 76 वर्षीय हरीश रावत जिद पर अड़ गए और विरोध स्वरूप बीच सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
क्या है उस वायरल वीडियो में? हरीश रावत की नाराजगी की मुख्य वजह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक ‘डीपफेक’ वीडियो है। रावत का आरोप है कि भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक एआई-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया गया है, जिसमें उनकी आवाज और चेहरे के साथ छेड़छाड़ की गई है। इस वीडियो में उन्हें कथित तौर पर “मुस्लिम शरणम् गच्छामि, मजार शरणम् गच्छामि” कहते हुए दिखाया गया है।
वीडियो के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बुलडोजर के साथ चलते हुए दिखाकर एक विशेष नैरेटिव सेट करने की कोशिश की गई है। हरीश रावत ने इसे अपनी छवि धूमिल करने और उन्हें “राष्ट्रविरोधी” या “पाकिस्तानी एजेंट” के रूप में पेश करने की एक घिनौनी साजिश करार दिया है।
नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज कराया मुकदमा मामले की गंभीरता को देखते हुए हरीश रावत ने देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया है। धरना स्थल पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “अगर भाजपा को मुझसे इतनी ही नफरत है, तो एआई का सहारा लेकर झूठ फैलाने के बजाय मुझे सीधे गोली मरवा दे।
मैं सनातनी हिंदू हूं और सभी धर्मों का सम्मान करता हूं, लेकिन भाजपा झूठ की फैक्ट्री चलाकर समाज को बांटना चाहती है।” उन्होंने साफ कहा कि जब तक इस वीडियो को हटाकर सार्वजनिक माफी नहीं मांगी जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बेरोजगारी पर सरकार को ‘अल्टीमेटम’ सिर्फ एआई वीडियो ही नहीं, हरीश रावत ने आज प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की आवाज भी बुलंद की। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती का वादा अभी तक अधूरा है।
युवा नौकरी की आस में ओवरएज हो रहे हैं। रावत ने सरकार को एक महीने का ‘अल्टीमेटम’ दिया है। उन्होंने ऐलान किया कि यदि एक माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वह 30 जनवरी 2026 (गांधी निर्वाण दिवस) को गांधी पार्क में 24 घंटे का उपवास और धरना देंगे।
भाजपा का पलटवार: ‘सहानुभूति की राजनीति’ दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस नेता केवल ‘सहानुभूति कार्ड’ खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी की छवि खराब करने में विश्वास नहीं रखती, लेकिन हरीश रावत अपनी तुष्टिकरण की पुरानी राजनीति को छिपाने के लिए अब विक्टिम बनने की कोशिश कर रहे हैं।













