देहरादून उत्तराखंड की राजधानी है और एक खूबसूरत हिल स्टेशन के रूप में जाना जाता है। हर साल लाखों पर्यटक यहां आते हैं, जिससे शहर की स्वच्छता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में शहरों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हाल ही में जारी स्वच्छ सर्वेक्षण में देहरादून ने अपनी रैंकिंग सुधारी है और राज्य का सबसे स्वच्छ शहर बना हुआ है। लेकिन चुनौतियां अभी भी बाकी हैं, खासकर खुले में कचरा फेंकने की आदत।
इसी समस्या से निपटने के लिए देहरादून नगर निगम ने एक नया और प्रभावी कदम उठाया है। अब शहर की मुख्य सड़कों, पार्कों और व्यस्त इलाकों पर ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है। यह तकनीक न केवल कचरा फेंकने वालों को पकड़ने में मदद करती है, बल्कि पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाती है। ड्रोन ऊंचाई से सब कुछ कैद कर लेते हैं, जिससे कोई छिप नहीं पाता।
अभियान में सख्ती से हो रही कार्रवाई
नगर निगम ने सफाई निरीक्षकों और सुपरवाइजरों की विशेष टीम बनाई है। ये टीमें ड्रोन फुटेज के आधार पर तुरंत एक्शन लेती हैं। अगर कोई व्यक्ति सड़क पर या सार्वजनिक जगह पर कचरा फेंकता पकड़ा जाता है, तो मौके पर ही जुर्माना वसूला जाता है। हाल के एक अभियान में कई लोगों पर चालान काटे गए। कुछ पर 500 से 800 रुपये तक का जुर्माना लगा, जबकि अन्य को चेतावनी दी गई कि अगली बार और सख्त सजा मिलेगी।
उत्तराखंड में कचरा फेंकने या थूकने पर 5000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। यह नियम सभी नगर निगमों पर लागू होता है। देहरादून में भी यही कानून है, जो लोगों को नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करता है। नगर निगम के अधिकारी कहते हैं कि ड्रोन की मदद से अब निगरानी आसान और पारदर्शी हो गई है। पहले जहां शिकायतों पर निर्भर रहना पड़ता था, अब हर कोने पर नजर रखी जा रही है।
शहरवासियों से सहयोग की उम्मीद
नगर निगम ने सभी लोगों से अपील की है कि कचरा सिर्फ निर्धारित डिब्बों या गाड़ियों में ही डालें। घर से कचरा अलग-अलग करें – गीला और सूखा। इससे रिसाइक्लिंग आसान होती है और शहर साफ रहता है। अगर हर व्यक्ति थोड़ा ध्यान रखे, तो देहरादून न केवल राज्य बल्कि देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल हो सकता है।
अधिकारी स्पष्ट कह रहे हैं कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में ड्रोन निगरानी और बढ़ाई जाएगी। जो लोग लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। आखिरकार, एक स्वच्छ शहर सबकी जिम्मेदारी है – इससे स्वास्थ्य बेहतर होता है, पर्यटन बढ़ता है और हमारा पर्यावरण सुरक्षित रहता है।















