हरिद्वार, जो गंगा नदी के किनारे बसा एक पवित्र शहर है और लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र माना जाता है, वहां हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना घटी। शहर की व्यस्त सड़कों पर जहां लोग रोजमर्रा की जिंदगी जीते हैं, वहां एक युवक को कुछ लोगों ने धोखे से बुलाकर बुरी तरह घायल कर दिया।
इस तरह की घटनाएं न केवल स्थानीय समुदाय को झकझोरती हैं, बल्कि सुरक्षा के मुद्दों पर सवाल भी उठाती हैं। आइए जानते हैं कि क्या हुआ और पुलिस ने कैसे कदम उठाए।
घटना की शुरुआत कैसे हुई
11 दिसंबर की देर रात, जब ज्यादातर लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, तब हरिद्वार के दुधाधारी चौक इलाके में शिवा सिंह नाम का एक युवक घर लौट रहा था। रास्ते में कुछ लोग पहले से ही इंतजार में खड़े थे। उन्होंने शिवा को बातचीत के बहाने एक निजी होटल के अंदर ले जाया। वहां पहुंचते ही स्थिति बदल गई। आरोप है कि ये लोग नशे की हालत में थे, जिससे उनका व्यवहार आक्रामक हो गया। छोटी-सी बहस ने जल्दी ही हिंसक रूप ले लिया।
हमले की भयावहता
होटल के कमरे में पहुंचकर आरोपियों ने शिवा पर बेरहमी से हमला बोल दिया। पहले तो उन्होंने हाथापाई की, फिर धारदार हथियारों से उसके शरीर पर कई वार किए। गर्दन और बाजुओं समेत कई जगहों पर गहरे घाव लगे। इस तरह के हमले अक्सर जानलेवा साबित हो सकते हैं, और यहां भी शिवा की हालत इतनी खराब हो गई कि उसे तुरंत इलाज की जरूरत पड़ी। ऐसे मामलों में तत्काल मेडिकल मदद न मिले तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
चिकित्सा सहायता और हालत
घटना के बाद शिवा को सबसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एम्स ऋषिकेश भेज दिया। एम्स, जो उत्तराखंड में एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, वहां शिवा को आईसीयू में भर्ती किया गया। फिलहाल उसकी हालत नाजुक है, लेकिन डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। इस तरह की घटनाओं में परिवार का दर्द समझा जा सकता है, खासकर जब मां जैसा कोई सदस्य न्याय की मांग करता है।
पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया
शिवा की मां ने घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस से मदद मांगी। उनकी शिकायत पर हरिद्वार की नगर कोतवाली पुलिस ने फौरन कार्रवाई शुरू की। उन्होंने चार लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास जैसा गंभीर मामला दर्ज किया। यह कदम दिखाता है कि पुलिस ऐसी घटनाओं को कितनी गंभीरता से लेती है। जांच में सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अपराधियों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।
एक आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस की टीम ने जल्दी ही सफलता हासिल की और एक मुख्य आरोपी को पकड़ लिया। उसका नाम शिवम है, जिसे शुंभु के नाम से भी जाना जाता है। वह देहरादून के रायवाला इलाके का रहने वाला है। कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस अब बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
इनमें कुनाल, खुशी यादव और करण शामिल हैं। स्थानीय पुलिस अधिकारी रितेश शाह ने बताया कि जांच पूरी रफ्तार से चल रही है और जल्द ही सभी को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
समाज पर प्रभाव और सतर्कता
यह घटना हरिद्वार जैसे शांत शहर में अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति की ओर इशारा करती है। उत्तराखंड पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में नशे से जुड़ी हिंसक घटनाएं बढ़ी हैं, जो युवाओं को प्रभावित कर रही हैं।
लोगों को सलाह दी जाती है कि अजनबी या संदिग्ध लोगों के साथ सतर्क रहें, खासकर रात के समय। अगर कोई ऐसी स्थिति आए, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल करें। न्याय की प्रक्रिया जारी है, और उम्मीद है कि पीड़ित परिवार को जल्द राहत मिलेगी।















