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Haridwar : लक्सर मदरसे के चार छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता, पुलिस खोज में जुटी

Published on: December 16, 2025 8:28 PM
Haridwar : लक्सर मदरसे के चार छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता, पुलिस खोज में जुटी
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Haridwar : हरिद्वार जिले के लक्सर इलाके में एक मदरसे से चार किशोर छात्र अचानक गायब हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता की लहर दौड़ गई है। यह घटना मंगलवार को घटी, जब ये छात्र मदरसे में अपनी पढ़ाई कर रहे थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही इन बच्चों को सुरक्षित ढूंढ लिया जाएगा।

मदरसे का परिदृश्य और छात्रों की पृष्ठभूमि

हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र में स्थित अलावलपुर गांव का यह मदरसा सैकड़ों बच्चों को धार्मिक शिक्षा प्रदान करता है। यहां रहकर छात्र कुरान की हिफाजत (हाफिज बनने की पढ़ाई) सीखते हैं, जो इस्लामी परंपरा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। लापता हुए इन चार छात्रों की उम्र 13 से 16 साल के बीच है, और वे सभी मदरसे में बोर्डिंग की तरह रहते थे।

तीन छात्र स्थानीय हरिद्वार जिले से हैं, जबकि एक गुजरात का निवासी है। हरिद्वार वाले छात्रों के परिवार गांव में मजदूरी करके गुजारा करते हैं, जो ग्रामीण भारत में आम जीवनशैली का हिस्सा है। ऐसे परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा मदरसे जैसे संस्थानों पर निर्भर रहती है, जहां रहने-खाने की व्यवस्था भी होती है।

घटना का विवरण और शुरुआती जांच

मदरसे के इमाम ने सबसे पहले छात्रों की अनुपस्थिति पर ध्यान दिया और तुरंत पुलिस को सूचित किया। परिजनों को खबर मिलते ही उनके घरों में अफरा-तफरी मच गई। मदरसा प्रशासन ने पहले खुद तलाश करने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर थाने का रुख किया। पथरी थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के निर्देश पर कई टीमों का गठन किया।

शुरुआती जांच में पता चला कि दो छात्र पथरी से करीब 10 किलोमीटर दूर एथल रेलवे स्टेशन पर दिखाई दिए थे। आसपास के सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हुआ कि वे ट्रेन पकड़ते नजर आए। पुलिस का अनुमान है कि गुजरात के छात्र को पढ़ाई में रुचि नहीं थी, और शायद उसने अन्य साथियों को प्रभावित किया हो। भारत में हर साल हजारों बच्चे लापता होते हैं, और ऐसे मामलों में अक्सर घरेलू दबाव, दोस्तों का प्रभाव या साहसिक यात्रा की चाहत जैसे कारण सामने आते हैं।

पुलिस की कार्रवाई और उम्मीदें

थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं और सीसीटीवी के अलावा अन्य सुरागों पर भी काम कर रही हैं। पुलिस को विश्वास है कि जल्द ही सभी छात्रों को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा, और मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी। ऐसे घटनाओं में त्वरित पुलिस कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि समय के साथ जोखिम बढ़ जाता है।

भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में करीब 80,000 से ज्यादा बच्चे लापता हुए थे, जिनमें से अधिकांश को ढूंढ लिया गया। यह घटना भी इसी तरह के सकारात्मक नतीजे की उम्मीद जगाती है, लेकिन साथ ही मदरसों और स्कूलों में सुरक्षा उपायों की जरूरत पर जोर देती है। परिजनों और स्थानीय समुदाय को सलाह दी जा रही है कि वे धैर्य रखें और पुलिस की मदद करें।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 📧 Email: harpreetssoni9@gmail.com

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