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जनता दर्शन में सुनी गुहार, देहरादून जिला प्रशासन ने चुकाया विधवा का 4 लाख का कर्ज

देहरादून जिला प्रशासन ने विधवा शांति राणा की मदद के लिए एक बड़ी मानवीय पहल की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता शांति के खाते में भेजी गई है ताकि ई-रिक्शा का कर्ज चुकाया जा सके। साथ ही उनकी बेटी अंशिका की कक्षा 12 तक की 1.62 लाख रुपये फीस भी एकमुश्त जमा कर दी गई है।

Published on: February 3, 2026 10:12 PM
जनता दर्शन में सुनी गुहार, देहरादून जिला प्रशासन ने चुकाया विधवा का 4 लाख का कर्ज
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HIGHLIGHTS

  1. शांति राणा के पति की मृत्यु के बाद ई-रिक्शा का 3.72 लाख रुपये का कर्ज जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से चुकाया।
  2. बेटी अंशिका की कक्षा 12 तक की शिक्षा सुरक्षित करने के लिए 1.62 लाख रुपये स्कूल को सीधे भुगतान किए गए।
  3. नवंबर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल के सामने शांति राणा ने अपनी व्यथा सुनाई थी।
  4. प्रशासन अब शांति राणा को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार से जोड़ने और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की तैयारी कर रहा है।

देहरादून : देहरादून जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए एक परिवार को बिखरने से बचा लिया है। पति की आकस्मिक मृत्यु और बैंक कर्ज के बोझ तले दबी शांति राणा को प्रशासन ने 4 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की है। यह धनराशि सीएसआर (CSR) फंड के माध्यम से सीधे शांति के बैंक खाते में हस्तांतरित की गई है।

जिलाधिकारी की त्वरित कार्रवाई

जिलाधिकारी सविन बंसल ने नवंबर माह में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में शांति राणा की पीड़ा सुनी थी। शांति ने बताया था कि उनके पति मनबहादुर ने आजीविका के लिए 3,72,600 रुपये का ई-रिक्शा ऋण लिया था। एक सड़क दुर्घटना में पति की मौत के बाद 12 वर्षीय बेटी अंशिका और दो छोटे बेटों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी शांति पर आ गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी (न्याय) को जांच के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने न केवल बैंक ऋण चुकाने का इंतजाम किया, बल्कि भविष्य की राह भी आसान की। शांति राणा को अब स्थानीय प्रशासन द्वारा उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शिक्षा के लिए 1.62 लाख का भुगतान

बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने अंशिका की शिक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। कक्षा 8 में पढ़ रही अंशिका की कक्षा 12 तक की कुल फीस 1.62 लाख रुपये स्कूल प्रबंधन को सीधे जमा कर दी गई है। इससे परिवार को अब बच्चों की पढ़ाई के खर्च की चिंता से मुक्ति मिल गई है।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि इस परिवार को सभी सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिले। प्रशासन का कहना है कि संकट की घड़ी में किसी भी पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और मानवीय आधार पर हर संभव मदद दी जाएगी।


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: शांति राणा को कुल कितनी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है?

उत्तर: जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये बैंक ऋण के लिए और 1.62 लाख रुपये बेटी की शिक्षा के लिए प्रदान किए हैं।

प्रश्न: शांति राणा के पति ने किस कार्य के लिए बैंक से ऋण लिया था?

उत्तर: उनके पति मनबहादुर ने परिवार की आजीविका चलाने हेतु ई-रिक्शा खरीदने के लिए 3,72,600 रुपये का बैंक ऋण लिया था।

प्रश्न: शांति राणा की बेटी अंशिका की पढ़ाई को लेकर क्या निर्णय लिया गया है?

उत्तर: अंशिका की कक्षा 12 तक की पूरी फीस (1.62 लाख रुपये) जिला प्रशासन ने एकमुश्त स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा करा दी है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 📧 Email: harpreetssoni9@gmail.com

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