उत्तरकाशी के गांवों में नशा मुक्ति की एक नई और सख्त लहर चली है। भटवाड़ी तहसील के मानपुर और फोल्ड गांव के ग्रामीणों ने शराबबंदी को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
अब इन गांवों में शादी या किसी भी मांगलिक कार्यक्रम में शराब परोसने पर भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। ग्रामीणों ने खुली बैठक में प्रस्ताव पारित कर न केवल जुर्माने का प्रावधान किया है, बल्कि नियम तोड़ने वालों के सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी भी दी है।
मानपुर गांव में ग्राम प्रधान शंकर प्रसाद भट्ट की अध्यक्षता में हुई खुली बैठक में यह कड़ा निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने एक स्वर में प्रस्ताव पारित किया कि गांव की सीमा के भीतर शराब की बिक्री, भंडारण और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस नियम का उल्लंघन करने वाले पर 21,000 रुपये का तत्काल जुर्माना लगाया जाएगा।
क्षेत्र पंचायत सदस्य संजय कोहली ने स्पष्ट किया कि यह फैसला सिर्फ पैसे तक सीमित नहीं है, बल्कि शराब परोसने वाले परिवारों का पूरा गांव हुक्का-पानी बंद कर देगा। ऐसे आयोजनों में कोई भी ग्रामीण शामिल नहीं होगा।
वहीं, फोल्ड गांव में भी ग्राम प्रधान सोनपाल रमोला की अगुवाई में पंचायत भवन में अहम बैठक हुई। यहां के निवासियों ने मानपुर से भी ज्यादा सख्त कदम उठाए हैं।
फोल्ड पंचायत क्षेत्र में शराब पीते, बेचते या अवैध स्टॉक करते पकड़े जाने पर सीधे 51,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। जुर्माने से प्राप्त यह राशि ग्राम पंचायत के खाते में जमा होगी और इसे गांव के विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ग्राम निगरानी समिति का गठन भी किया गया है।
उत्तरकाशी जनपद में यह बदलाव अब एक मुहिम का रूप ले रहा है। इससे पहले डुंडा ब्लॉक के लोदाड़ा गांव ने भी शराबबंदी लागू कर 51 हजार के जुर्माने का प्रावधान किया था।
धनारी क्षेत्र के फोल्ड और भटवाड़ी के मानपुर के शामिल होने के बाद अब जिले के तीन गांव पूरी तरह से नशामुक्ति की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। इन फैसलों में महिला मंगल दल और युवक मंगल दल ने भी अपनी पूरी भागीदारी निभाई है।















