Khatima Accident : शुक्रवार, 30 जनवरी की शाम खटीमा के प्रतापपुर इलाके में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। झनकट से अपना काम निपटाकर बाइक से घर लौट रहे तीन युवकों की एक निजी स्कूल बस से आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई।
राहगीरों की मदद से तीनों को गंभीर हालत में उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गुरुद्वारा फार्म के पास हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, प्रतापपुर वार्ड नंबर 7 के रहने वाले देवेंद्र राणा, राजेश राणा और राजेश राणा उर्फ बिल्ला किसी काम से झनकट गए थे। देर शाम जब वे वापस लौट रहे थे, तभी गुरुद्वारा फार्म के पास सामने से आ रही एक निजी स्कूल बस से उनकी बाइक भिड़ गई।
यह बस नानकमत्ता से स्कूली बच्चों को छोड़कर वापस आ रही थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया। घायलों को निजी वाहनों और एंबुलेंस के जरिए खटीमा के उप जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टर सिमरनजीत सिंह ने बताया कि सड़क हादसे के बाद जब तीनों युवकों को अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी जान जा चुकी थी।
एक झटके में उजड़ गए तीन परिवार
इस हादसे ने वार्ड नंबर 7 के तीन घरों को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। मृतकों की पहचान और उनकी पारिवारिक स्थिति दिल दहला देने वाली है:
- देवेंद्र सिंह राणा (27 वर्ष): राजमिस्त्री का काम करने वाला देवेंद्र तीन बहनों के बीच परिवार का इकलौता बेटा था। वह अभी अविवाहित था। उसकी मौत से परिवार का वारिस छिन गया है।
- राजेश सिंह राणा (35 वर्ष): यह भी राजमिस्त्री का काम करता था। राजेश अपने पीछे पत्नी शिशुकला और दो छोटी बेटियों—रितिका (9 वर्ष) और जेसिका (6 वर्ष)—को रोता-बिलखता छोड़ गया है।
- राजेश सिंह राणा उर्फ बिल्ला (27 वर्ष): दर्शन सिंह का बेटा राजेश मजदूरी करता था और अविवाहित था। उसके तीन भाई हैं।
शनिवार को होगा पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही नानकमत्ता पुलिस अस्पताल पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। पुलिस के अनुसार, तीनों का पोस्टमार्टम शनिवार को किया जाएगा। एक साथ तीन अर्थियां उठने की खबर से पूरे गांव में कोहराम मच गया है। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।



















