एम्स ऋषिकेश में भर्ती कुख्यात अपराधी विनय त्यागी की आज मौत हो गई। गोलीबारी की घटना के तीसरे दिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। एम्स के पीआरओ श्रीलॉय मोहंती ने विनय त्यागी की मौत की पुष्टि की है। विनय को तीन दिन पहले पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट ले जाते समय गोली मारी गई थी। उसे सीने, गले और हाथ में गंभीर चोटें आई थीं।
यह दुस्साहसिक वारदात बुधवार दोपहर लक्सर-हरिद्वार हाईवे के ओवरब्रिज पर हुई थी। रुड़की जेल में बंद मेरठ निवासी विनय त्यागी को पुलिस टीम टाटा सूमो से लक्सर एसीजेएम कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी।
फ्लाई ओवर पर जाम के कारण गाड़ी रुकते ही बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में विनय को तीन गोलियां लगीं, जबकि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। घायल अवस्था में उसे पहले लक्सर सीएचसी और फिर एम्स रेफर किया गया था।
आरोपियों ने कबूला जुर्म
पुलिस ने वारदात के दूसरे दिन ही दोनों शूटरों को खानपुर थाना क्षेत्र के जंगल से गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी सन्नी यादव उर्फ शेरा और उसका साथी अजय दोनों काशीपुर, ऊधमसिंहनगर के रहने वाले हैं।
गैंगवार के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने दोनों आरोपियों को रुड़की के बजाय हरिद्वार जेल में शिफ्ट कर दिया है। पूछताछ में सन्नी ने स्वीकार किया कि विनय त्यागी के साथ उसका पैसों के लेनदेन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था।
सन्नी के मुताबिक, जब उसने अपने पैसे मांगे तो विनय ने उलटा उसकी हत्या करवाने की धमकी दे दी। इसी बात से नाराज होकर सन्नी ने हत्या की साजिश रची।
वह लगातार विनय की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था। जैसे ही उसे पता चला कि विनय को पेशी के लिए लक्सर लाया जाएगा, उसने रास्ते की रेकी की और बुधवार को मौका पाकर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास है और वे काशीपुर में डकैती के मामले में पहले भी जेल जा चुके हैं।















