Land Fraud Case : गदरपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अरविंद पांडे के भाई देवानंद पांडे और उनके चार साथियों के खिलाफ बाजपुर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
आरोप है कि विधायक के भाई ने फर्जीवाड़ा कर जमीन हड़पने की कोशिश की और जान से मारने की धमकी दी। इस कार्रवाई के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। विधायक ने खुद आगे आकर पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात की और नार्को टेस्ट की मांग रख दी है।
क्या है पूरा मामला?
बहादुरगंज निवासी संजय बंसल ने कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि गांव मुंडिया पिस्तौर में उनकी जमीन है। उन्होंने यह जमीन देखरेख और खेती के लिए आपसी सहमति से मझरा बक्श निवासी एक व्यक्ति को दी थी। विवाद तब गहराया जब 21 अगस्त 2025 को प्राधिकरण ने संजय बंसल को नोटिस भेजकर मौके पर बुलाया।
नोटिस में कहा गया था कि जमीन पर हो रहा निर्माण अवैध है और उसे ध्वस्त किया जाए। पीड़ित का आरोप है कि जब वह मौके पर पहुंचे, तो वहां विधायक के भाई अपने साथियों के साथ मौजूद थे। आरोप है कि उन्होंने पीड़ित के हाथ से कागज छीनकर फेंक दिए और धमकी देते हुए कहा कि “जमीन हमारी है, यहां दोबारा मत दिखाई देना।” संजय बंसल का दावा है कि आरोपियों ने फर्जी किरायानामा तैयार कर जमीन कब्जाने की साजिश रची है।
विधायक की खुली चुनौती: नार्को टेस्ट करा लो
अपने भाई पर मुकदमा दर्ज होने के बाद विधायक अरविंद पांडे ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से मिलकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। विधायक ने साफ कहा कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। उन्होंने चुनौती दी कि वादी पक्ष और आरोपी पक्ष, दोनों का नार्को टेस्ट कराया जाए।
इतना ही नहीं, अरविंद पांडे ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि इस जांच में वह स्वयं या उनके परिवार का कोई भी सदस्य दोषी पाया जाता है, तो वह उसी वक्त राजनीति छोड़ देंगे।
पुलिस ने शुरू की विवेचना
संजय बंसल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने देवानंद पांडे (विधायक के भाई), जय प्रकाश तिवारी, मोहन पांडे और किशन पांडे (सभी निवासी मोहल्ला मजरा बक्श, बाजपुर) के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना सब-इंस्पेक्टर कैलाश चंद नगरकोटी को सौंपी गई है।



















