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Nainital : शिक्षकों ने समय से पहले दी बच्चों को छुट्टी, मुख्य शिक्षा अधिकारी ने रोका 17 का वेतन

Published on: December 19, 2025 11:16 PM
Nainital : शिक्षकों ने समय से पहले दी बच्चों को छुट्टी, मुख्य शिक्षा अधिकारी ने रोका 17 का वेतन
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नैनीताल, उत्तराखंड : उत्तराखंड के नैनीताल जिले में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए जिला शिक्षा विभाग सख्त कदम उठा रहा है। रामनगर क्षेत्र के कुछ सरकारी स्कूलों में निरीक्षण के दौरान अनुशासनहीनता सामने आने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने तुरंत कार्रवाई की है।

स्कूलों में औचक निरीक्षण

मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद जायसवाल ने रामनगर विकासखंड के सावलदे न्याय पंचायत क्षेत्र में कई स्कूलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जीआईसी ढेला, प्राथमिक विद्यालय ढेला, हाईस्कूल पटरानी, प्राथमिक विद्यालय पटरानी नंबर 3, प्राथमिक विद्यालय पटरानी, प्राथमिक विद्यालय कारगिल पटरानी, कन्या जूनियर हाईस्कूल सावलदे, प्राथमिक विद्यालय सावलदे, जीआईसी सेमलखलिया और प्राथमिक विद्यालय सेमलखालिया जैसे कुल 10 स्कूलों की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण में सबसे गंभीर बात सामने आई जीआईसी सेमलखलिया और प्राथमिक विद्यालय सेमलखालिया में। यहां अधिकारी के पहुंचने पर ही शिक्षकों ने निर्धारित समय से काफी पहले बच्चों को छुट्टी दे दी थी। यह नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया, क्योंकि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का समय तय होता है और उसे बिना वजह कम नहीं किया जा सकता।

सख्त कार्रवाई का फैसला

इस लापरवाही को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने दोनों स्कूलों के कुल 17 शिक्षकों और क्लर्कों का वेतन रोकने के आदेश दिए। गोविंद जायसवाल ने स्पष्ट किया कि स्कूल संचालन में समय का पालन बहुत जरूरी है। अगर पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं होता, तो छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है।

जिले भर के सभी स्कूलों को चेतावनी दी गई है कि आगे से ऐसी कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अन्य स्कूलों में भी कुछ शिक्षक अनुपस्थित पाए गए या कार्य में लापरवाही दिखी, जिन पर भी उचित कदम उठाए गए।

आगे की योजना

अधिकारी ने बताया कि सेवा नियमों और आचरण संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से काम लिया जाएगा। भविष्य में भी स्कूलों के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। अगर फिर कोई गड़बड़ी मिली, तो और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्र में स्कूलों तक पहुंचना मुश्किल होता है और बच्चों की शिक्षा पर पूरा ध्यान देना जरूरी है। ऐसे प्रयास से शिक्षक अधिक जिम्मेदारी से काम करेंगे और छात्रों को बेहतर माहौल मिलेगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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