होमदेशविदेशक्राइममनोरंजनबिज़नेसऑटोमोबाइलगैजेट्सस्पोर्ट्सस्वास्थ्यलाइफस्टाइलधर्मराशिफललव राशिफलअंक राशिफलपंचांगकरियरट्रेंडिंगवीडियो
मौसम सरकारी योजना 7वां वेतन आयोगसोने चांदी का भावडीए हाईक 2026इंडियन रेलवेगणेश गोदियालमहेंद्र भट्ट पुष्कर सिंह धामी 8वां वेतन आयोगरेसिपीजब्यूटी टिप्सट्रेंडिंग टॉपिक्स

Nainital : ठंड से बचने की यह गलती पड़ी भारी, नैनीताल गए टैक्सी चालक की दम घुटने से मौत

नैनीताल की कड़ाकेदार ठंड से बचने के लिए कार के भीतर अंगीठी जलाना एक टैक्सी चालक को भारी पड़ गया. बंद गाड़ी में जहरीली गैस बनने से मथुरा निवासी चालक की नींद में ही दर्दनाक मौत हो गई.

Published on: December 28, 2025 10:41 PM
Nainital : ठंड से बचने की यह गलती पड़ी भारी, नैनीताल गए टैक्सी चालक की दम घुटने से मौत
Join Our Whatsapp Channel

HIGHLIGHTS

  • नोएडा से पर्यटकों को लेकर नैनीताल पहुंचा था चालक मनीष गंधार.
  • सूखाताल पार्किंग में रात को कार के भीतर कोयले की अंगीठी जलाकर सोया था.
  • रविवार दोपहर तक नहीं जागा तो पुलिस ने शीशा तोड़कर बाहर निकाला.
  • बंद जगह में अंगीठी जलाने से बनी कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) बनी मौत की वजह.

नैनीताल : नैनीताल की हाड़ कंपा देने वाली ठंड से बचने की एक छोटी सी कोशिश टैक्सी चालक के लिए जानलेवा साबित हुई. कार के भीतर अंगीठी जलाकर सोने की वजह से दम घुटने से चालक की मौत हो गई. यह घटना उन सभी पर्यटकों और चालकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो पहाड़ों पर ठंड से बचने के लिए बंद गाड़ियों में हीटर या अंगीठी का सहारा लेते हैं.

यह भी पढ़ें : पीएम मोदी के पसंदीदा ‘घोड़ा लाइब्रेरी’ महोत्सव में पहुंचे सीएम, की बड़ी घोषणाएं

सूखाताल पार्किंग में हुआ हादसा

उत्तर प्रदेश के मथुरा (सिरोहा) के रहने वाले मनीष गंधार शनिवार, 27 दिसंबर को पर्यटकों को लेकर नैनीताल पहुंचे थे. उन्होंने अपनी टैक्सी (UP 16 JT 8565) को सूखाताल पार्किंग में खड़ा किया. रात करीब 9 बजे मनीष ने ठंड से बचने के लिए कार के भीतर ही कोयले की अंगीठी जला ली और कंबल ओढ़कर सो गए. कार के शीशे पूरी तरह बंद होने के कारण अंदर हवा का प्रवाह रुक गया और धीरे-धीरे गाड़ी एक गैस चैंबर में तब्दील हो गई.

पुलिस ने शीशा तोड़कर निकाला बाहर

अगले दिन रविवार दोपहर तक जब चालक की ओर से कोई हलचल नहीं हुई, तो पार्किंग कर्मियों को अनहोनी की आशंका हुई. उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया. कोतवाल हेमचंद्र पंत टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गाड़ी को हिलाकर चालक को जगाने की कोशिश की.

यह भी पढ़ें : उल्टी करने के लिए रोकी थी कार, पीछे से आ गई मौत

भीतर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर पुलिस ने कार का शीशा तोड़ा. मनीष बेसुध पड़े थे. पुलिस उन्हें तत्काल बीडी पांडे अस्पताल ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

खामोश मौत का कारण: कार्बन मोनोऑक्साइड

एसपी ट्रैफिक एवं क्राइम डॉ. जगदीश चंद्रा ने बताया कि चालक के मुंह से झाग निकल रहा था, जो गैस के दुष्प्रभाव की ओर इशारा करता है. बंद कार में कोयला जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस बनती है. यह गैस गंधहीन और रंगहीन होती है, इसलिए सो रहे व्यक्ति को खतरे का अहसास नहीं होता.

यह खून में ऑक्सीजन की सप्लाई रोक देती है, जिससे व्यक्ति बेहोशी की हालत में ही दम तोड़ देता है. पुलिस ने परिजनों को सूचित कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

बंद जगह में अंगीठी जलाना खतरनाक

विशेषज्ञों के मुताबिक, बंद कमरे या गाड़ी में अंगीठी जलाने से जान का जोखिम सबसे ज्यादा होता है. कार्बन मोनोऑक्साइड धीरे-धीरे फेफड़ों को जकड़ लेती है.

यह भी पढ़ें : सीएम धामी का अल्टीमेटम, एंजेल चकमा के हत्यारे पाताल में भी छिपे हों तो ढूंढ निकालो

लक्षण के तौर पर शुरुआत में सिरदर्द और चक्कर आते हैं, लेकिन गहरी नींद में होने के कारण व्यक्ति संभल नहीं पाता. पहाड़ों पर यात्रा करते समय वेंटिलेशन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 📧 Email: harpreetssoni9@gmail.com

Leave a Reply

Discover more from Doon Horizon

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading