Non Hindu Entry Ban : उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में अब गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने इस मुद्दे पर सभी हितधारकों के साथ चर्चा कर आम सहमति बना ली है।
अब जल्द ही होने वाली बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप देकर लागू किया जाएगा। गंगोत्री मंदिर समिति ने पहले ही इस पर अपना निर्णय ले लिया है। हालांकि, सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों का स्वागत पूर्व की भांति जारी रहेगा।
मक्का-मदीना की तरह यहां भी नियम: इमाम इलियासी
इस बड़े बदलाव पर ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने मंदिर समितियों के पक्ष में राय रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह धर्म और आस्था का विषय है।
इमाम इलियासी के मुताबिक, अगर मंदिर कमेटी तय करती है कि गैर-हिंदू अंदर नहीं आ सकते, तो इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जैसे मक्का और मदीना में गैर-मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है और वहां के नियमों का सभी पालन करते हैं, वैसे ही यहां के नियमों का सम्मान होना चाहिए।
डॉ. इलियासी ने आगे कहा कि मुस्लिमों का गंगोत्री या इन धामों में कोई काम नहीं है। ऐसे में यदि कोई मुस्लिम वहां जाता है, तो अनावश्यक टकराव की स्थिति बन सकती है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को उन जगहों पर जाने से परहेज करना चाहिए जो हिंदुओं की आस्था और सनातन का केंद्र हैं। उन्होंने तिरुपति बालाजी मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी ऐसे नियम लागू हैं और सभी पवित्र स्थलों के अपने कायदे होते हैं जिन पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
मंदिर समितियों और सरकार का रुख
बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री के अलावा हरिद्वार की संस्था ‘गंगा सभा’ ने भी हर की पौड़ी पर गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने की मांग उठाई है। यमुनोत्री मंदिर समिति का फैसला अभी आना बाकी है।
इस पूरे प्रकरण पर उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि वह मंदिर समितियों की बात सुनने के बाद ही मुद्दे पर कोई फैसला लेगी। फिलहाल, मंदिर समितियां अपने स्तर पर नियमों को सख्त करने की तैयारी में हैं।
कांग्रेस और इमरान मसूद का विरोध
प्रवेश नियमों में बदलाव की सुगबुगाहट के बीच सियासत भी गर्म हो गई है। उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह जनसमस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दों को हवा दे रही है।
वहीं, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मसूद ने कहा कि गंगोत्री धाम हिंदुओं का पवित्र स्थल है और वहां पहले से कोई मुसलमान नहीं जाता है, लेकिन पहचान साबित करने जैसी शर्तें लगाकर समाज में जहर घोला जा रहा है।



















