Dehradun Dog Policy 2026 : अगर आप घर में कुत्ता पालते हैं और उसे सड़क पर लावारिस छोड़ने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। नगर निगम ने अपनी नई डॉग पॉलिसी में सख्त प्रावधान किए हैं।
अब पालतू कुत्ते का परित्याग करने पर मालिक से 20,000 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इतना ही नहीं, मालिक के खिलाफ पुलिस में मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
नगर आयुक्त नमामी बंसल और मेयर सौरभ थपलियाल ने साफ किया है कि गजट नोटिफिकेशन जारी होते ही यह पॉलिसी लागू हो जाएगी। वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल के मुताबिक, फरवरी माह की शुरुआत तक यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
मजल पर मिली बड़ी राहत
निगम ने जनता और पशु प्रेमियों के सुझावों के बाद नियमों में व्यावहारिक बदलाव किए हैं। पहले ड्राफ्ट में कुत्ते को घुमाते समय उसके मुंह पर मजल (जाली) लगाना अनिवार्य था। लेकिन पीपल फॉर एनिमल और अन्य संस्थाओं की 22 आपत्तियों के बाद इसमें संशोधन किया गया है।
अब मालिक को मजल अपने पास रखना अनिवार्य होगा, लेकिन उसे कुत्ते के मुंह पर हर समय बांधना जरूरी नहीं है। कुत्ता अगर आक्रामक होता है, तभी इसका इस्तेमाल करना होगा।
RWA की तय होगी जवाबदेही
फ्लैट्स और कॉलोनियों में कुत्तों को लेकर होने वाले विवादों को थामने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी (RWA) की जिम्मेदारी तय की गई है। सोसायटी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परिसर में मौजूद सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण हो चुका है।
भविष्य में मॉनिटरिंग के लिए कुत्तों को माइक्रोचिप लगाने की भी तैयारी है, जिससे ऑनलाइन ट्रैकिंग और कार्रवाई में आसानी होगी।
देसी कुत्तों को गोद लेने पर छूट
पॉलिसी में देसी कुत्तों को आश्रय देने वालों को प्रोत्साहित किया गया है। यदि कोई व्यक्ति आवारा कुत्ते को गोद लेता है, तो उसका पंजीकरण और वैक्सीनेशन पूरी तरह निशुल्क होगा। वहीं, ब्रीडर के लिए 300 गज की जगह का मानक अब लागू नहीं होगा।
लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए मालिकों को 30 दिन का समय मिलेगा। इसके बाद 500 रुपये प्रति माह के हिसाब से लेट फीस देनी होगी। साथ ही, शहर में चल रहे डॉग केयर सेंटर्स और पेट शॉप्स के लिए भी अब लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।



















