देहरादून : पटेलनगर कोतवाली अंतर्गत मोहब्बेवाला में संपत्ति के लालच में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी है। मैदा मिल क्षेत्र के निवासी रिंकू थापा और उनकी पांच महीने की गर्भवती पत्नी को उनके ही घर से बेदखल करने के लिए जानलेवा हमला किया गया।
यह पूरा विवाद रिंकू के बड़े भाई की मौत के बाद शुरू हुआ, जिसमें उनकी भाभी ने अपने मायके वालों के साथ मिलकर घर पर कब्जा करने की कोशिश की।
घर से निकाला और ईंटों से रोका रास्ता
पीड़ित रिंकू थापा ने आरोप लगाया कि 9 जनवरी को उनकी भाभी गीता थापा ने अपनी बहन सीता और जीजा सतीश के साथ मिलकर उनके घर पर धावा बोल दिया। इन लोगों ने रिंकू का सारा सामान उठाकर सड़क पर फेंक दिया और विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी।
आरोपियों ने न केवल शारीरिक हिंसा की, बल्कि पीड़ित परिवार को दोबारा घुसने से रोकने के लिए घर के मुख्य रास्ते पर ईंटें लगवाकर उसे पूरी तरह बंद कर दिया।
दहशत फैलाने के लिए छोड़े पांच कुत्ते
इस हमले का सबसे डरावना पहलू खूंखार कुत्तों का इस्तेमाल रहा। आरोपियों ने गर्भवती महिला और रिंकू के मन में डर बैठने के लिए पांच पालतू कुत्ते उन पर छोड़ दिए। लाठी-डंडों के वार और कुत्तों के हमले के बीच पीड़ित किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकले।
शुरुआती दौर में पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया है।
कोर्ट के आदेश पर छह पर मुकदमा
पटेलनगर इंस्पेक्टर सीबीएस अधिकारी ने बताया कि न्यायालय के निर्देश मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी गीता थापा, सीता, सतीश, आदित्य, ममता और सुनील के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
अब पुलिस इस मामले में चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।



















