ऋषिकेश : ऋषिकेश में हालात तनावपूर्ण हैं. वन भूमि सर्वे के विरोध में चल रहा प्रदर्शन अब सीधे प्रशासन से टकराव में बदल गया है. शनिवार और रविवार को हुए भारी उपद्रव के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं.
मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने का है, लेकिन स्थानीय लोगों के गुस्से ने कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी कर दी है.
हाईवे जाम और 6 ट्रेनें फंसी
रविवार को प्रदर्शनकारियों का गुस्सा रेलवे ट्रैक तक पहुंच गया. मनसा देवी रेलवे फाटक पर भीड़ ने कब्जा जमा लिया, जिससे ऋषिकेश आने-जाने वाली 6 ट्रेनें घंटों लेट हो गईं.
हजारों यात्रियों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ी. इससे पहले शनिवार को रायवाला में नेशनल हाईवे दोपहर 1:30 बजे से शाम 4 बजे तक जाम रखा गया. पुलिस का कहना है कि जब उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की, तो जवाब में पुलिस टीम पर पथराव किया गया. इस हमले में कई लोगों को चोटें आई हैं.
महिला रेंजर की वर्दी खींची, छेड़खानी का आरोप
सबसे गंभीर मामला वन विभाग की एक महिला रेंजर के साथ हुई अभद्रता का है. गुमानीवाला क्षेत्र में सर्वे करने गई टीम को न सिर्फ रोका गया, बल्कि धक्का-मुक्की भी की गई.
पीड़ित रेंजर की तहरीर के मुताबिक, भीड़ में शामिल अराजक तत्वों ने गाली-गलौज करते हुए उनकी वर्दी पकड़ी और छेड़खानी की. पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं.
नामजद हुए नेता और पुलिस का एक्शन प्लान
पुलिस ने उपद्रवियों को बख्शने के मूड में नहीं है. रायवाला और ऋषिकेश कोतवाली में दर्ज मुकदमों में मोहन सिंह असवाल, वीरेंद्र रमोला, लालमणि रतूड़ी, निर्मला उनियाल और पूजा पोखरियाल समेत कई लोगों को नामजद किया गया है. इसके अलावा 200 से ज्यादा अज्ञात लोगों पर सरकारी काम में बाधा डालने और जानलेवा हमले (बलवा) की धाराएं लगाई गई हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने खुद मौके पर पहुंचकर फ्लैग मार्च किया.
लाठीचार्ज से इनकार, असली गुनहगारों की तलाश
सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की खबरों का एसएसपी देहरादून ने खंडन किया है. पुलिस का कहना है कि भीड़ ने पत्थरबाजी की, लेकिन जवानों ने संयम बरता. अब अफवाह फैलाने वालों पर भी मुकदमा दर्ज होगा. वहीं, इस पूरे विवाद का एक नया पहलू सामने आया है.
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जांच में पता चला है कि कुछ ‘लैंड माफिया’ ने सरकारी वन भूमि को निजी जमीन बताकर लोगों को बेचा था. एसएसपी ने अपील की है कि ठगी के शिकार लोग पुलिस में शिकायत करें, ताकि असली गुनहगारों को जेल भेजा जा सके.















