सहसपुर के ग्रामीणों के लिए शुक्रवार का दिन राहत भरा रहा। सरकारी काम के लिए दफ्तरों की दौड़ लगाने के बजाय, सरकार खुद उनके दरवाजे पर पहुंची। मौका था ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का, जिसके तहत ब्लॉक मुख्यालय में बहुउद्देशीय शिविर लगा।
यहाँ उप जिलाधिकारी (SDM) विनोद कुमार की देखरेख में न सिर्फ 709 लोगों को अलग-अलग योजनाओं का लाभ दिया गया, बल्कि जनता की 38 शिकायतों को भी सुना गया।
मौके पर फैसले, तुरंत समाधान शिविर में पहुंचे फरियादियों ने एसडीएम के सामने अपनी परेशानियां रखीं। इनमें से ज्यादातर शिकायतों का अधिकारियों ने मौके पर ही निस्तारण कर दिया। एसडीएम विनोद कुमार ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री का निर्देश है कि आम जनता को योजनाओं का लाभ उनके घर के पास मिले।
उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि जो शिकायतें आज नहीं सुलझ सकीं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाए। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पानी, बिजली, सड़क और सिंचाई जैसी बुनियादी दिक्कतों को उठाया। इसके अलावा क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती तादाद, अवैध खनन और गौशाला निर्माण जैसे गंभीर मुद्दे भी अधिकारियों के सामने रखे गए।
सेहत से लेकर खेती तक सीधी मदद शिविर में सबसे ज्यादा भीड़ स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर रही। एलोपैथिक, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक विंग ने मिलकर करीब 273 लोगों की जांच की और उन्हें मुफ्त दवाइयां दीं। राजस्व विभाग ने मौके पर ही 38 जरूरी प्रमाण पत्र जारी कर दिए, जिससे छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिली।
खेती-किसानी के मोर्चे पर भी प्रशासन सक्रिय दिखा। कृषि और उद्यान विभाग ने 34 किसानों को कृषि यंत्र, बीज और पीएम किसान निधि का लाभ दिया, जबकि पशुपालन विभाग ने 14 पशुपालकों को दवाइयां मुहैया कराईं।
पेंशन और राशन कार्ड की समस्याएं भी दूर समाज कल्याण विभाग ने 5 जरूरतमंदों की पेंशन मौके पर ही स्वीकृत कर दी। वहीं, जिला पूर्ति विभाग ने 26 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराई।
पंचायती राज विभाग ने भी 29 मामलों को सुलझाया। युवाओं के लिए सेवायोजन विभाग ने करियर काउंसलिंग सत्र रखा, जिसमें 28 छात्रों ने हिस्सा लिया। इस दौरान राज्यमंत्री विश्वास डाबर, ब्लॉक प्रमुख अर्चना रावत और जिला मंत्री प्रमोद सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।















