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सचिवालय से निकलकर गांवों तक पहुंची सरकार, एक दिन में निपटाए 8 हजार मामले

उत्तराखण्ड में 'सरकार आपके द्वार' अभियान के तहत एक ही दिन में 8 हजार से ज्यादा समस्याओं का मौके पर समाधान हुआ है। सीएम धामी ने अफसरों को सख्त हिदायत दी है कि अब जनता फाइलों में नहीं, बल्कि मैदान में अधिकारी ढूंढेगी।

Published on: December 27, 2025 11:54 PM
सचिवालय से निकलकर गांवों तक पहुंची सरकार, एक दिन में निपटाए 8 हजार मामले
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HIGHLIGHTS

  • प्रदेश के 13 जिलों में 135 शिविर लगाकर 74 हजार आवेदन प्राप्त किए गए।
  • मौके पर ही 13,934 प्रमाण पत्र जारी, 47 हजार लोगों को योजनाओं का लाभ।
  • सीएम धामी का निर्देश- बुजुर्गों और दिव्यांगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
  • लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कठोर कार्रवाई।

देहरादून में फाइलों के अंबार और दफ्तरों के चक्कर काटने की संस्कृति अब बदल रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान ने प्रशासनिक कार्यशैली की दिशा मोड़ दी है।

27 दिसंबर को प्रदेश के 13 जनपदों में एक साथ 135 शिविर लगाए गए। इन शिविरों में कुल 74,087 लोगों ने अपनी समस्याएं और आवेदन रखे, जिनमें से 8,408 शिकायतों का अधिकारियों ने मौके पर ही निस्तारण कर दिया।

सिफारिश नहीं, समाधान पर जोर आंकड़े बताते हैं कि सुशासन अब केवल नारों तक सीमित नहीं है। शिविरों के माध्यम से एक ही दिन में 13,934 जरूरी प्रमाण पत्र जारी किए गए और 47,878 नागरिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से तुरंत जोड़ा गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मॉडल को सुशासन का सशक्त उदाहरण बताया है। उनका स्पष्ट कहना है कि शासन का मतलब महज आदेश देना नहीं, बल्कि आम आदमी की समस्या को जड़ से खत्म करना है।

अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलें सीएम ने नौकरशाही को कड़े शब्दों में चेताया है। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी अब फाइलों में उलझे रहने के बजाय मैदान में नजर आने चाहिए। विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगों और पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए जिला मुख्यालयों तक दौड़ न लगानी पड़े।

लापरवाही पर नपने की चेतावनी धामी मॉडल के तहत अब किसी भी काम के लिए सिफारिश की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि पात्र नागरिक को योजनाओं का लाभ मिलना उनका अधिकार है। शिविरों में आए हर आवेदन का समयबद्ध तरीके से निपटारा करना होगा। यदि इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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