देहरादून की व्यस्त सड़कें अब आम लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं रह गई हैं। यहां तक कि सुबह की सैर जैसी साधारण गतिविधि भी जोखिम भरी हो सकती है। हाल ही में राजपुर रोड के एक प्रमुख इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां एक महिला को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। यह घटना न सिर्फ परिवार के लिए सदमा थी, बल्कि शहर में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर सवाल उठाती है।
घटना का विवरण
रविवार की सुबह, जब सूरज की पहली किरणें शहर को रोशन कर रही थीं, 50 वर्षीय मीना गुप्ता अपने पड़ोस की कुछ महिलाओं के साथ जाखन इलाके से सैर के लिए निकलीं। वे राजपुर रोड पर अमन कैफे और साईं मंदिर के बीच चल रही थीं, तभी पीछे से एक काली कार ने उन्हें जोरदार धक्का मारा।
टक्कर इतनी तेज थी कि महिला कुछ पल हवा में उछलीं और फिर सड़क पर गिर पड़ीं। उनके साथ चल रही महिलाएं थोड़ी दूरी पर थीं, इसलिए वे बच गईं, लेकिन इस भयानक दृश्य को अपनी आंखों से देखकर स्तब्ध रह गईं।
चालक की अमानवीयता और फरार होना
सबसे दुखद बात यह रही कि कार चालक ने गाड़ी रोकने या घायल महिला की मदद करने की बजाय और तेजी से भाग निकला। यह व्यवहार न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि इंसानियत पर कलंक जैसा लगता है। भारत में हर साल हजारों हिट-एंड-रन मामले दर्ज होते हैं, जहां चालक मौके से भाग जाते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में देशभर में ऐसे 47,000 से ज्यादा मामले सामने आए, जिनमें से कई में पीड़ितों की जान चली गई। देहरादून जैसे शहरों में ट्रैफिक बढ़ने से ये घटनाएं और आम हो रही हैं।
बचाव प्रयास और अस्पताल की दौड़
घटना के तुरंत बाद, महिला की साथी महिलाओं ने सड़क पर गुजरते लोगों की मदद ली। उन्होंने एक टेम्पो रोका और मीना को उनके घर दून विहार पहुंचाया। वहां से उनके पति पवन कुमार गुप्ता उन्हें फौरन मैक्स अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने सिर और शरीर की गंभीर चोटों का इलाज करने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस तरह एक सामान्य सुबह की सैर एक परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा
पवन कुमार गुप्ता ने अगले दिन राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह रावत के नेतृत्व में पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा कायम किया। सीसीटीवी फुटेज से काली कार की पहचान की जा रही है, और नंबर प्लेट ट्रेस करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। ऐसे मामलों में सीसीटीवी और डिजिटल सबूत अहम भूमिका निभाते हैं, जो जांच को तेज बनाते हैं।
सड़क सुरक्षा पर व्यापक नजरिया
यह घटना देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक और लापरवाही भरे ड्राइविंग की समस्या को उजागर करती है। शहर की आबादी बढ़ने के साथ सड़कें संकरी हो रही हैं, और मॉर्निंग वॉकर्स के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए फुटपाथ मजबूत करने, स्पीड लिमिट लागू करने और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। अगर ऐसी घटनाएं जारी रहीं, तो शहर की छवि पर असर पड़ेगा। परिवारों को सलाह दी जाती है कि सैर के दौरान ग्रुप में रहें और व्यस्त सड़कों से बचें।



















