चमोली : गौचर (चमोली) में आयोजित राज्य स्तरीय किसान दिवस ने पहाड़ की खेती-किसानी के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां उत्तराखंड के किसानों की सबसे बड़ी समस्या पर प्रहार किया है।
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उन्होंने जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए ‘घेरबाड़ योजना’ के तहत इसी वित्तीय वर्ष में 90 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट देने का ऐलान किया। इसके साथ ही मुक्तेश्वर में 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित करने की घोषणा ने बागवानी प्रेमियों के चेहरे खिला दिए हैं।
मुक्तेश्वर में तैयार होगी उच्च गुणवत्ता वाली पौध
पहाड़ में अक्सर खराब गुणवत्ता वाले पौधों के कारण किसानों की सालों की मेहनत बर्बाद हो जाती है। शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि अब ऐसा नहीं होगा। मुक्तेश्वर में बनने वाले नए क्लीन प्लांट सेंटर से किसानों को कीवी, सेब, माल्टा और नींबू प्रजाति के फलों की विश्व स्तरीय पौध मिलेगी। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के माल्टा को देश-विदेश तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है।
मंत्री ने कहा कि भले ही यहां खेती की जमीन कम हो रही हो, लेकिन उत्पादन बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए केंद्र सरकार कृषि वैज्ञानिकों की एक टीम के जरिए उत्तराखंड की खेती के लिए अगले पांच साल का एक ठोस रोडमैप तैयार करेगी।
309 गांवों तक पहुंचेगी पक्की सड़क
किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में खराब रास्तों की वजह से भारी दिक्कत होती थी। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पीएमजीएसवाई-4 (PMGSY-4) योजना का स्वीकृति पत्र सौंपा। इसके तहत राज्य में 1706.94 करोड़ रुपये की लागत से 1228.2 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा।
यह नेटवर्क प्रदेश की 309 बसावटों को मुख्य मार्गों से जोड़ेगा। इससे न केवल किसानों का माल समय पर बाजार पहुंचेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी।
एक क्लिक पर 88 हजार किसानों को पैसा
डिजिटल इंडिया की ताकत गौचर के मंच से भी दिखी। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने एक साथ बटन दबाकर मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 88 हजार किसानों के खातों में पैसा भेजा। कुल 65 करोड़ 12 लाख रुपये की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे किसानों तक पहुंची।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटीग्रेटेड खेती पर जोर दे रहे हैं। छोटे खेतों में ज्यादा मुनाफे के लिए फल, सब्जी, पशुपालन और मछली पालन के साथ जड़ी-बूटी उत्पादन को बढ़ाना होगा। इसके लिए न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में ‘कीवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ भी बनाया जाएगा।
कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव का दौर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर कहा कि राज्य में कृषि के क्षेत्र में जो बदलाव हो रहे हैं, वे ऐतिहासिक हैं। सरकार किसानों को तीन लाख रुपये तक का बिना ब्याज का ऋण दे रही है, जबकि कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गेहूं पर 20 रुपये और गन्ने पर 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, 1200 करोड़ रुपये की लागत से मंडुवा, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीतियां लागू की गई हैं। राज्य में पॉलीहाउस निर्माण के लिए भी 200 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है।
सुशासन और महिला सशक्तिकरण की मिसाल
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री धामी की कार्यशैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना’ के जरिए महिलाओं को लखपति बनाने की पहल काबिल-ए-तारीफ है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर उत्तराखंड ने सुशासन की नई मिसाल पेश की है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने घोषणा की कि किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अब हर महीने के दूसरे गुरुवार को किसान दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और स्टालों का अवलोकन किया।















